ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG 2026) का 1 अगस्त का दिन भारतीय खेल इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। भारतीय मुक्केबाजों ने रिंग में अपना दबदबा बनाते हुए रिकॉर्ड 7 गोल्ड मेडल अपने नाम किए। इस अद्भुत प्रदर्शन के दम पर भारत कुल 38 पदकों के साथ पदक तालिका में मजबूती से चौथे स्थान पर है।
आइए जानते हैं उन सात जांबाज मुक्केबाजों के बारे में, जिन्होंने रिंग में भारत का मान बढ़ाया:
23 वर्षीय प्रीति भारत की पहली महिला एथलीट हैं जिन्हें भारतीय सेना में सीधे नायब सूबेदार के पद पर नियुक्त किया गया है। एशियन गेम्स की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट प्रीति ने अपनी शानदार फॉर्म को बरकरार रखते हुए वर्ल्ड बॉक्सिंग कप की चैंपियन बनने के बाद अब CWG में भी स्वर्ण पदक जीतकर अपनी श्रेष्ठता साबित की है।
भिवानी की रहने वाली 24 वर्षीय जैस्मिन ने साबित कर दिया कि बॉक्सिंग उनके खून में है। दिग्गज मुक्केबाज हवा सिंह की पड़पोती जैस्मिन ने पेरिस ओलंपिक की निराशा को पीछे छोड़ते हुए अपने स्टाइल में बदलाव किया और वर्ल्ड चैंपियनशिप के बाद अब कॉमनवेल्थ का ताज अपने नाम किया।
साक्षी के लिए यह सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। गंभीर चोट के कारण 2022 CWG और 2023 एशियन गेम्स से बाहर रहने के बाद, उन्होंने हार नहीं मानी। वजन घटाकर 51 किग्रा कैटेगरी में शिफ्ट हुईं और दिग्गजों को हराकर क्वालीफाई किया। अपने डेब्यू पर ही गोल्ड जीतकर उन्होंने अपनी वापसी को यादगार बना दिया।
राजस्थान की अरुंधति कभी बास्केटबॉल खेलती थीं, लेकिन आज वह बॉक्सिंग रिंग की रानी हैं। भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाने वाली अरुंधति ने सेमीफाइनल में मौजूदा चैंपियन रोजी एक्लेस को हराकर फाइनल का रास्ता साफ किया। वर्ल्ड यूथ चैंपियनशिप की विजेता रही अरुंधति का आक्रामक खेल विरोधियों पर भारी पड़ा।
केवल 20 साल की प्रिया इस दल की सबसे युवा खिलाड़ी हैं। एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में चीन की पूर्व वर्ल्ड चैंपियन को धूल चटाने वाली प्रिया ने अपनी निरंतरता से सबको प्रभावित किया है। CWG का यह गोल्ड उनके करियर की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
26 वर्षीय सचिन ने 10 साल की उम्र से ही बॉक्सिंग के गुर सीखने शुरू कर दिए थे। यूथ लेवल पर नाम कमाने के बाद सीनियर स्तर पर संघर्ष करने वाले सचिन ने 2025 वर्ल्ड बॉक्सिंग कप और अब CWG में गोल्ड जीतकर आलोचकों का मुंह बंद कर दिया है।
मात्र 22 साल के अंकुश ने नेशनल चैंपियनशिप जीतने के बाद अपनी प्रतिभा का लोहा बड़े मंच पर मनवाया। अपने पहले ही कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह भविष्य में भारतीय बॉक्सिंग की नई उम्मीद बनकर उभरेंगे।
ऐतिहासिक उपलब्धि: इन सात स्वर्ण पदकों के साथ ही भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स के 96 साल के इतिहास में मुक्केबाजी में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है।
*Many congratulations to Sachin Siwach on clinching Gold in the Men s 60Kg Boxing event at the #CWG2026.
— Rajesh Chudasama (@rajeshchudasma) August 1, 2026
The nation salutes your perseverance, discipline and remarkable talent.
Jai Hind 🇮🇳 pic.twitter.com/2KHceDZZ7x
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