करीब दो दशक के लंबे निर्वासन के बाद कोलकाता लौटीं निर्वासित लेखिका तसलीमा नसरीन का कार्यक्रम विवादों के साये में आ गया। जैसे ही उन्होंने मंच पर प्रख्यात कवि जॉय गोस्वामी को आमंत्रित किया, सभागार में मौजूद लोगों के एक वर्ग ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया।
हॉल में मचा भारी शोर और हंगामा तसलीमा के बुलावे पर जैसे ही साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता जॉय गोस्वामी अपनी सीट से उठे, हॉल में अचानक हूटिंग और नारेबाजी शुरू हो गई। देखते ही देखते विरोध इतना बढ़ गया कि कार्यक्रम कुछ देर के लिए पूरी तरह ठप हो गया। स्थिति को संभालते हुए तसलीमा को खुद माइक थामकर दर्शकों से शांति बनाए रखने की अपील करनी पड़ी।
कौन हैं जॉय गोस्वामी? जॉय गोस्वामी बंगाली साहित्य के सबसे प्रतिष्ठित समकालीन कवियों में से एक हैं। आम आदमी के जीवन और मानवीय संवेदनाओं को अपनी कविताओं में पिरोने वाले गोस्वामी को उनके साहित्यक योगदान के लिए कई बड़े पुरस्कारों से नवाजा गया है। उन्हें बंगाल के साहित्यिक हलकों में बेहद सम्मानजनक स्थान प्राप्त है।
विरोध की असली वजह क्या है? गोस्वामी पर हुए इस विरोध के पीछे केवल तसलीमा के साथ मंच साझा करना ही कारण नहीं था। सूत्रों की मानें तो 2007 में जब तसलीमा को कोलकाता छोड़ने के लिए मजबूर किया गया था, तब समर्थकों का एक वर्ग मानता है कि जॉय गोस्वामी ने उनका पर्याप्त साथ नहीं दिया था। साथ ही, राजनीति के गलियारों में उनकी सक्रियता को लेकर भी कुछ वर्गों में नाराजगी बनी हुई है।
मैं दोषी हूं का मलाल दिलचस्प बात यह है कि जॉय गोस्वामी खुद सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार कर चुके हैं कि तसलीमा के निष्कासन के दौरान वे उनकी मदद नहीं कर पाए थे, जिसके लिए उन्होंने खुद को दोषी माना था। इसके बावजूद, दर्शकों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और यह विरोध कार्यक्रम की मुख्य चर्चा बन गया।
19 साल बाद घर वापसी का भावुक पल यह कार्यक्रम तसलीमा की 19 साल बाद कोलकाता वापसी पर आयोजित किया गया था। इस दौरान लेखिका काफी भावुक दिखीं। उन्होंने कहा कि कोलकाता लौटना उनके लिए वहीं लौटने जैसा है जिसे वह बरसों पहले पीछे छोड़ने को मजबूर हुई थीं। तसलीमा ने जोर देकर कहा कि उनकी यह वापसी साबित करती है कि अन्याय लंबा तो चल सकता है, लेकिन हमेशा के लिए नहीं। उन्होंने भविष्य में सभी लेखकों के लिए अभिव्यक्ति की आजादी की उम्मीद जताई।
*STORY | Audience protests as Taslima invites poet Joy Goswami on stage; brief disruption halts speech
— Press Trust of India (@PTI_News) August 1, 2026
A brief commotion broke out at an auditorium here on Saturday after exiled Bangladeshi author Taslima Nasreen invited noted Bengali poet Joy Goswami to join her on stage,… pic.twitter.com/h4uAxTd6MG
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