ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में जैवलिन थ्रो का मुकाबला नीरज चोपड़ा और अरशद नदीम के बीच होने की उम्मीद थी, लेकिन पदक तालिका में भारत के एक अन्य वीर ने सबको चौंका दिया। यश वीर सिंह ने 85.41 मीटर के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ कांस्य पदक जीतकर नीरज चोपड़ा के लिए भविष्य की कड़ी चुनौती पेश कर दी है।
नीरज को मिली कड़ी टक्कर मुकाबले के दौरान नीरज चोपड़ा (85.83 मीटर) और यश वीर सिंह (84.41 मीटर) के बीच फासला सिर्फ 0.42 मीटर का रहा। यह मामूली अंतर नीरज के लिए एक स्पष्ट चेतावनी है। आखिरी राउंड तक पदक की दौड़ से बाहर दिख रहे यश ने अपने अंतिम थ्रो में दम दिखाते हुए यह साबित कर दिया कि भारतीय जैवलिन थ्रो में अब प्रतिस्पर्धा का स्तर काफी ऊंचा हो चुका है।
पिता का दांव और अधूरा सपना यश वीर की इस सफलता के पीछे उनके पिता राय सिंह की अहम भूमिका है। राय सिंह खुद राष्ट्रीय स्तर के जैवलिन थ्रोअर रह चुके हैं, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण वे अपने सपनों को पूरा नहीं कर सके। अपना अधूरा सपना बेटे की आंखों में देखते हुए उन्होंने 2015 से यश को खुद कोचिंग देना शुरू किया। उन्होंने सुनिश्चित किया कि यश उन गलतियों को न दोहराएं जो उन्होंने अपने करियर में की थीं।
बास्केटबॉल से भाले तक का सफर हरियाणा के भिवानी जिले के देवसर गांव में जन्मे यश ने खेल की शुरुआत फिटनेस के लिए बास्केटबॉल से की थी। हालांकि, पिता के खेल और जुनून को देखकर उनका झुकाव भाला फेंक की ओर हो गया। बचपन में जब पिता उन्हें भाले से दूर रखते थे, यश बांस की छड़ियों से अभ्यास किया करते थे। यही जुनून आज उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले आया है।
टर्निंग पॉइंट: नीरज का रिकॉर्ड तोड़ना यश वीर के करियर में बड़ा मोड़ तब आया, जब उन्होंने इंडियन अंडर-20 फेडरेशन कप में नीरज चोपड़ा का पुराना मीट रिकॉर्ड तोड़ दिया। इसके बाद 2022 में 80 मीटर की बाधा पार कर उन्होंने खुद को भारतीय एथलेटिक्स के भविष्य के सितारों के रूप में स्थापित किया।
दबाव में निखरा यश कॉमनवेल्थ के इस रोमांचक फाइनल में यश पांचवें राउंड तक पदक की रेस से बाहर थे। लेकिन छठे और निर्णायक प्रयास में उन्होंने अपना पर्सनल बेस्ट थ्रो फेंककर कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। यह प्रदर्शन न केवल उनकी शारीरिक क्षमता को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि यश दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी हैं। अब नीरज चोपड़ा के लिए यह संकेत साफ है—भारतीय जैवलिन थ्रो में एक नई चुनौती तैयार है।
*Bronze unlocked! 🔥
— Sony Sports Network (@SonySportsNetwk) July 31, 2026
𝐏𝐨𝐝𝐢𝐮𝐦 𝐰𝐨𝐫𝐭𝐡𝐲 𝐭𝐡𝐫𝐨𝐰! 🚀
Despite the challenging conditions, Yash Vir Singh unleashed a personal best of 85.41m to win bronze! 🥉
Watch the Commonwealth Games Glasgow 2026 LIVE & EXCLUSIVE on Sony Sports Network TV channels & Sony LIV.… pic.twitter.com/Y1zmDC50iV
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