कॉमनवेल्थ और ओलंपिक: क्या है इनमें अंतर और अमेरिका क्यों नहीं लेता हिस्सा?
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स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स ने एक बार फिर खेल प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। हर चार साल में होने वाले इस आयोजन को अक्सर लोग ओलंपिक जैसा ही समझते हैं, लेकिन इन दोनों आयोजनों के पीछे की नींव और नियम काफी अलग हैं।

ओलंपिक बनाम कॉमनवेल्थ: संचालन में बड़ा अंतर

दोनों प्रतियोगिताओं का आयोजन चार साल के अंतराल पर होता है और इनमें उद्घाटन, समापन समारोह व पदक तालिका जैसी समानताएं दिखती हैं। हालांकि, इन्हें संचालित करने वाली संस्थाएं अलग हैं। ओलंपिक का संचालन इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (IOC) करती है, जबकि कॉमनवेल्थ गेम्स की जिम्मेदारी कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन (CGF) की होती है। ये दोनों संस्थाएं पूरी तरह से स्वतंत्र हैं।

कौन ले सकता है हिस्सा?

सबसे बड़ा अंतर प्रतिभागी देशों का है। ओलंपिक में दुनिया के 200 से अधिक देश हिस्सा लेते हैं। वहीं, कॉमनवेल्थ गेम्स में केवल वही देश और क्षेत्र शामिल होते हैं जो कभी ब्रिटिश साम्राज्य का हिस्सा रहे थे और वर्तमान में कॉमनवेल्थ ऑफ नेशंस के सदस्य हैं। इस कारण भाग लेने वाले देशों की संख्या सीमित (लगभग 70-72) होती है।

अमेरिका इस खेल से बाहर क्यों है?

अक्सर यह सवाल उठता है कि ब्रिटेन से आजादी पाने वाला अमेरिका कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा क्यों नहीं लेता? इसका सीधा सा कारण सदस्यता है। कॉमनवेल्थ गेम्स में भागीदारी के लिए देश का कॉमनवेल्थ ऑफ नेशंस का सदस्य होना अनिवार्य है। अमेरिका ने 1776 में आजादी के बाद इसकी सदस्यता नहीं ली, इसलिए वह इन खेलों में शामिल होने के लिए पात्र नहीं है।

ग्रेट ब्रिटेन का दोहरा मानदंड

कॉमनवेल्थ गेम्स में इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और नॉर्दर्न आयरलैंड अलग-अलग टीमों के रूप में हिस्सा लेते हैं। इसके विपरीत, ओलंपिक में ये चारों क्षेत्र मिलकर ग्रेट ब्रिटेन की एक संयुक्त टीम बनाते हैं। यही वजह है कि दर्शकों को अक्सर इन आयोजनों के स्वरूप को लेकर भ्रम होता है।

खेलों का चयन और अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा

प्रतिष्ठा के मामले में ओलंपिक को सर्वोच्च माना जाता है, क्योंकि इसमें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा करते हैं। खेलों की बात करें तो ओलंपिक में स्केटबोर्डिंग और सर्फिंग जैसे आधुनिक खेल शामिल हैं, वहीं कॉमनवेल्थ गेम्स में लॉन बॉल्स और नेटबॉल जैसे खेल प्रमुखता से खेले जाते हैं। साथ ही, ओलंपिक के समर और विंटर दो संस्करण होते हैं, जबकि कॉमनवेल्थ गेम्स का कोई अलग विंटर संस्करण नहीं है।

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