जंतर-मंतर खाली करने की जल्दबाजी पड़ी भारी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं को अब अपने उस फैसले पर पछतावा हो रहा है, जिसमें उन्होंने बिना किसी लिखित समझौते के जंतर-मंतर का आंदोलन खत्म कर दिया था। शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर 20 जून से शुरू हुआ यह आंदोलन 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद समाप्त हुआ था। अब पार्टी को लग रहा है कि उन्होंने सोनम वांगचुक की तरह लिखित आश्वासन लेने का धैर्य नहीं दिखाया।
क्या हुआ था 25 जुलाई को? आंदोलन खत्म करने के दिन केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और CJP के प्रतिनिधि सौरव दास व आशुतोष रांका ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में केस वापसी का आश्वासन दिया था। नड्डा ने स्वयं कहा था कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी FIR वापस लेने और भविष्य में कोई दंडात्मक कार्रवाई न करने पर सहमति जताई है। इस भरोसे के बाद सौरव दास ने भी अपनी शर्तें पूरी होने की बात कहते हुए आंदोलन वापस लेने का ऐलान किया था।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बढ़ी मुश्किल विवाद तब गहराया जब मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने एक अंतरिम आदेश में कहा कि पुलिस दर्ज मामलों में जांच जारी रख सकती है। कोर्ट ने एसआईटी (SIT) गठन के संकेत दिए हैं। इस आदेश के बाद CJP को डर सता रहा है कि यदि सरकार के पास कोई लिखित समझौता नहीं होगा, तो पुलिस अदालत के आदेश का सहारा लेकर प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई जारी रखेगी।
सरकार की मंशा पर उठाए सवाल सौरव दास ने आरोप लगाया कि सरकार अदालती आदेश की आड़ में लिखित आश्वासन देने से बच रही है। उन्होंने कहा कि 28 जुलाई तक उन्हें लिखित पत्र मिलने का भरोसा दिया गया था, जो अब तक नहीं मिला। पार्टी का तर्क है कि अगर सरकार की मंशा साफ है, तो वह कोर्ट में समझौते की कॉपी जमा कर मुकदमे वापस लेने की प्रक्रिया को औपचारिक रूप क्यों नहीं दे रही?
दोबारा आंदोलन की चेतावनी CJP ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि सरकार ने अपना वादा नहीं निभाया और प्रदर्शनकारियों को परेशान किया गया, तो वे दोबारा सड़कों पर उतरेंगे। हालांकि, बिहार और असम जैसे राज्यों में कुछ मुकदमे वापस लिए जाने और गिरफ्तारियों की रिहाई की प्रक्रिया शुरू होने से थोड़ी राहत जरूर है। लेकिन, बिना लिखित दस्तावेज के यह आश्वासन पार्टी के नेताओं के लिए अब सिरदर्द का सबब बन गया है। अब सबकी नजरें 3 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह साफ हो पाएगा कि सरकार इस समझौते पर क्या रुख अपनाती है।
#WATCH | Delhi: After talks with Cockroach Janta Party delegation, Union Minister JP Nadda says, We had a long conversation today. They brought a written draft in which they made four points about the ongoing cases in agitation. Along with that, we discussed the other two… pic.twitter.com/H1ImnechUm
— ANI (@ANI) July 25, 2026
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