नई दिल्ली: 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) के गठन के बाद से ही केंद्रीय कर्मचारियों की नजरें इसकी सिफारिशों पर टिकी हैं। इसी बीच मंगलवार को राज्यसभा में सरकार की ओर से एक बड़ा स्पष्टीकरण सामने आया है, जो आयोग के कामकाज और उसकी कार्यप्रणाली पर से पर्दा उठाता है।
सरकार को नहीं देनी होगी प्रोग्रेस रिपोर्ट केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में लिखित जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि 8वें वेतन आयोग को अपनी किसी भी प्रकार की प्रोग्रेस रिपोर्ट सरकार को देने की बाध्यता नहीं है। मंत्री ने साफ कहा कि आयोग के काम करने के नियमों (ToR) में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जिसके तहत आयोग को अपनी चर्चा या सिफारिशों की प्रक्रिया के बारे में सरकार को जानकारी देना अनिवार्य हो।
आयोग को अपनी प्रक्रिया तय करने की पूरी आजादी वित्त मंत्रालय के अनुसार, 3 नवंबर 2025 को जारी प्रस्ताव में यह स्पष्ट किया गया था कि 8वां वेतन आयोग अपनी प्रक्रिया खुद तय करने के लिए स्वतंत्र है। सरकार का इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। यह आयोग अपने विचार-विमर्श और साक्ष्यों को जुटाने के लिए पूरी तरह से स्वायत्त है।
सांसद के सवालों पर क्या मिला जवाब? राज्यसभा सांसद जावेद अली खान ने आयोग की बैठकों, कर्मचारी संघों की मांगों और रिपोर्ट जमा करने की समय सीमा को लेकर सवाल पूछे थे। इस पर सरकार ने स्पष्ट किया कि 3 नवंबर 2025 को जारी संकल्प के अनुसार, आयोग को अपने गठन की तारीख से 18 महीनों के भीतर अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपनी होंगी।
स्टेकहोल्डर्स के लिए अहम निर्देश फिलहाल, 8वां वेतन आयोग विभिन्न शहरों में स्टेकहोल्डर्स के साथ बातचीत कर रहा है। इसके लिए एक खास पोर्टल भी बनाया गया है। जो भी संगठन या यूनियन आयोग से मिलना चाहते हैं, उनके लिए निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपॉइंटमेंट लेना अनिवार्य है।
अपॉइंटमेंट के लिए यूनिक मेमो ID का होना जरूरी है, जो आयोग की वेबसाइट पर मेमोरेंडम जमा करने के बाद प्राप्त होती है।
आने वाले दौरों का शेड्यूल:
सरकार के इस बयान से साफ है कि आयोग अपने काम में पूरी पारदर्शिता तो रखेगा, लेकिन अंतिम रिपोर्ट आने तक वह बाहरी दबाव या सरकार की निगरानी से मुक्त होकर काम करेगा।
8th CPC!
— 8th pay commission (@8thpaycommision) July 28, 2026
The Government has reiterated that the 8th Central Pay Commission will decide its own consultation process, and the Government will not receive progress updates during its deliberations. It also reaffirmed that the Commission is expected to submit its recommendations… pic.twitter.com/RkjBqtC2js
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