नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरभ दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक महत्वपूर्ण वीडियो संदेश जारी कर प्रदर्शनकारियों को बड़ी राहत की खबर दी है। देर रात 1 बजे जारी इस अपडेट ने आंदोलन से जुड़े लोगों की चिंताओं को काफी हद तक कम कर दिया है।
सरकार के साथ लंबी बैठक के बाद फैसला सौरभ दास ने बताया कि पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के कुछ ही घंटों बाद सरकार के प्रतिनिधियों के साथ उनकी 2-3 घंटे तक अहम बैठक हुई। इस बैठक में बिहार और असम सरकार की आधिकारिक अधिसूचनाओं की प्रतियां सौंपी गईं। इन दस्तावेजों में प्रदर्शनकारियों पर दर्ज एफआईआर को वापस लेने, भविष्य में कोई दंडात्मक कार्रवाई न करने और हिरासत में लिए गए सभी लोगों को रिहा करने का स्पष्ट भरोसा दिया गया है।
बिहार और असम सरकार का बड़ा कदम आधिकारिक जानकारी के अनुसार, बिहार सरकार ने नीट परीक्षा पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शनों से जुड़े सभी मामले वापस लेने का निर्णय लिया है। गृह विभाग ने स्पष्ट किया है कि 26 जुलाई शाम 6 बजे तक आंदोलन में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। इससे छात्रों और प्रदर्शनकारियों को बड़ी राहत मिली है।
694 लोगों को लिया गया था हिरासत में पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, 25 जुलाई को वामपंथी छात्र संगठनों द्वारा बुलाए गए बिहार बंद के दौरान कुल 694 लोगों को हिरासत में लिया गया था। इनमें 339 नाबालिगों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था, जबकि 355 लोगों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई थी। अब इन सभी मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अन्य राज्यों में भी मिलेगी राहत? सौरभ दास ने दावा किया है कि केंद्र सरकार और अन्य भाजपा/एनडीए शासित राज्यों की ओर से भी जल्द ही इसी तरह की अधिसूचनाएं जारी की जाएंगी। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रदर्शनकारी को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और न्याय की लड़ाई जारी रहेगी।
विपक्ष का सरकार पर दबाव इस पूरे घटनाक्रम के बीच राजनीतिक सरगर्मी तेज है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से तीखा सवाल पूछते हुए पूछा है कि आखिर प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज और उन्हें मारने का आदेश किसने दिया था। फिलहाल, सरकार के इस फैसले को आंदोलन को शांत करने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।
*#Important: 1 AM update.
— Saurav Das (@SauravDassss) July 27, 2026
Hours after our press conference, Government’s representatives met us. The meeting lasted for 2-3 hours. They shared copies of the Bihar and Assam notifications guaranteeing FIR withdrawals, no action in future, and release of all detainees and… pic.twitter.com/G7WcHHcfAs
जापान में तबाही: 7.1 तीव्रता के जोरदार भूकंप से दहला क्यूशू, सुनामी का अलर्ट जारी
Vivo S2 की शानदार वापसी: 7000mAh बैटरी और धाकड़ कैमरा के साथ मचाएगा धमाल
सीजेपी छात्र आंदोलन: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, प्रदर्शनकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई पर रोक, SIT गठन के निर्देश
गली में गूंजी मासूम की चीख: तेज रफ्तार बाइक ने पल भर में उजाड़ दी खुशियां, वायरल वीडियो देख कांप उठेगी रूह
PoK बना जंग का मैदान : रावलकोट में सड़कों पर बिछीं लाशें, चुनाव में खुलेआम खून-खराबा
एनडीए का मंगल मिलन : पेपर लीक कानून पर पीएम मोदी का गुरु मंत्र , ममता के 20 बागी सांसदों ने भरी हुंकार
बांकीपुर उपचुनाव में घमासान: प्रशांत किशोर ने BJP के नीतीश वीडियो को बताया AI का खेल, दी इस्तीफे की चुनौती
पेरिस में दिनदहाड़े खूनी खेल: चाकू लेकर महिलाओं पर टूटा सनकी, बोला- अल्लाह का हुक्म था
इंडियाज गॉट लेटेंट 2: क्या लीक हो गया राघव-मुनव्वर का एपिसोड? समय रैना ने खोला राज
राहुल को शादी के लिए मनाओ! प्रियंका गांधी की वो फोन कॉल, जिसने राहुल-इरफान की मुलाकात को बना दिया यादगार