जंतर-मंतर से लौट रहे छात्रों की पिटाई: कौन है सत्यम पंडित और क्यों मचा है बवाल?
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दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर घर लौट रहे बरेली के दो छात्रों के साथ हुई बेरहम मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। इस घटना ने न केवल छात्रों के बीच डर का माहौल पैदा किया है, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी खलबली मचा दी है।

कौन है आरोपी सत्यम पंडित? इस मामले के केंद्र में सत्यम पंडित नाम का व्यक्ति है, जो खुद को ‘राष्ट्रीय हिंदू वीर सेना’ का राष्ट्रीय अध्यक्ष बताता है। सोशल मीडिया प्रोफाइल के मुताबिक, वह गाजियाबाद का रहने वाला है। सत्यम ने न केवल छात्रों को पीटा, बल्कि इस पूरी वारदात का वीडियो बनाकर अपने सोशल मीडिया अकाउंट से शेयर भी किया। उसने वीडियो के कैप्शन में लिखा कि उसने कुछ कॉकरोचों का इलाज कर दिया है। यह पहली बार नहीं है जब सत्यम विवादों में आया हो, इससे पहले भी उस पर 2024 में भड़काऊ बयानबाजी के गंभीर आरोप लग चुके हैं।

क्या है पूरा मामला? बरेली का रहने वाला 16 वर्षीय आयुष रंजन अपने एक दोस्त के साथ 23 जुलाई को दिल्ली आया था। दोनों जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के प्रदर्शन में शामिल हुए थे। रात गुरुद्वारे में बिताने के बाद, अगले दिन सुबह जब वे घर के लिए निकले, तो रास्ते में सत्यम पंडित और उसके साथियों ने उन्हें घेर लिया। हमलावरों ने न केवल छात्रों की बर्बरता से पिटाई की, बल्कि पूरे घटनाक्रम को कैमरे में कैद कर वायरल कर दिया।

पीड़ित छात्र की आपबीती: गला दबाया और गालियां दीं बरेली पहुंचने के बाद पीड़ित छात्र आयुष रंजन ने मीडिया को बताया कि हमलावरों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया था। आयुष ने कहा, सत्यम पंडित और उसके साथियों ने मेरे दोस्त का गला पकड़ लिया और थप्पड़ बरसाने लगे। हम 6 लोगों के चंगुल में फंसे थे। वे बार-बार धमका रहे थे कि प्रदर्शन में जाने की हिम्मत कैसे हुई। आयुष ने बताया कि उस समय मदद मांगने वाला कोई नहीं था और वे पूरी तरह से डरे हुए थे।

राजनीतिक तूल और अखिलेश यादव का हमला इस घटना का वीडियो सामने आते ही विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जनता देख रही है कि सत्ता के संरक्षण में किस तरह गुंडागर्दी हो रही है। उन्होंने दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की है।

परिवार में दहशत, न्याय की मांग इस घटना के बाद से 16 वर्षीय छात्र और उसका परिवार बेहद डरा हुआ है। आयुष का कहना है कि वह महज एक छात्र के तौर पर अपनी आवाज उठाने दिल्ली गया था, लेकिन उसे जो बर्बरता झेलनी पड़ी, उसने उसे अंदर से तोड़ दिया है। अब पीड़ित परिवार प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की गुहार लगा रहा है। प्रशासन पर इस मामले में त्वरित कार्रवाई करने का भारी दबाव है।

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