कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता सिद्धारमैया ने चुनावी राजनीति से किनारा करने का बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वे 2028 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। हालांकि, उन्होंने साफ किया है कि वे सक्रिय राजनीति में बने रहेंगे और जनता के लिए काम करते रहेंगे।
राजनीति भ्रष्ट, अब पैसा देना पड़ता है अपने इस फैसले के पीछे सिद्धारमैया ने चुनावी व्यवस्था की कड़वी सच्चाई उजागर की है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए उन्होंने कहा, पहले जनता खुद चंदा जुटाकर हमें चुनाव जिताती थी, लेकिन आज माहौल पूरी तरह बदल चुका है। अब चुनाव लड़ने के लिए नेताओं को जनता को पैसा देना पड़ता है। राजनीति इतनी भ्रष्ट हो चुकी है कि इसमें ईमानदार काम करने की जगह नहीं बची है।
50 साल का सफर और ढलती उम्र सिद्धारमैया ने अपने राजनीतिक संन्यास के पीछे उम्र और स्वास्थ्य का हवाला भी दिया। 1978 में तालुक बोर्ड सदस्य के रूप में करियर शुरू करने वाले सिद्धारमैया की उम्र अब 79 वर्ष है। उन्होंने कहा कि 2028 तक उनके राजनीतिक जीवन के 50 साल पूरे हो जाएंगे। उन्होंने स्वीकार किया कि अब उनके शरीर में पहले जैसी ऊर्जा नहीं बची है और स्वास्थ्य भी साथ नहीं दे रहा है।
वरुणा क्षेत्र के दबाव को किया खारिज उनका गृह क्षेत्र वरुणा लगातार उन पर फिर से चुनाव लड़ने का दबाव बना रहा है। समर्थकों की भारी मांग के बावजूद सिद्धारमैया ने कहा कि वे अपना मन बना चुके हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि पांच दशकों की राजनीति में उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन उन्हें इस बात का संतोष है कि उन्होंने कभी अपनी अंतरात्मा का सौदा नहीं किया।
कर्नाटक में मंत्रिमंडल विस्तार की हलचल सिद्धारमैया के इस फैसले के बीच कर्नाटक कांग्रेस में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। राज्य में करीब 20 मंत्री पद खाली हैं, जिन्हें भरने के लिए 60 से अधिक विधायक दौड़ में हैं। इस पर चर्चा के लिए मंगलवार को दिल्ली में एक उच्च-स्तरीय बैठक बुलाई गई है।
इस बैठक में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के सामने अपने-अपने समर्थकों के नाम रखेंगे। देखना यह होगा कि सिद्धारमैया के चुनावी संन्यास के बाद पार्टी के पावर बैलेंस में क्या बदलाव आते हैं।
ರಾಜಕೀಯ ಕ್ಷೇತ್ರ ಇಂದು ಕಲುಷಿತಗೊಂಡಿರುವುದರಿಂದ 2028ರ ವಿಧಾನಸಭಾ ಚುನಾವಣೆಯಲ್ಲಿ ನಾನು ಸ್ಪರ್ಧಿಸುವುದಿಲ್ಲ. ಆದರೆ, ಸಕ್ರಿಯ ರಾಜಕಾರಣದಲ್ಲಿದ್ದು, ಜನರ ಕಷ್ಟ, ಸುಖಗಳಿಗೆ ಧ್ವನಿಯಾಗಿ ನಿಲ್ಲುತ್ತೇನೆ.
— Siddaramaiah (@siddaramaiah) July 26, 2026
ಮತ್ತೊಮ್ಮೆ ಚುನಾವಣೆಯಲ್ಲಿ ಸ್ಪರ್ಧಿಸುವಂತೆ ವರುಣ ಕ್ಷೇತ್ರದ ಜನರು ಒತ್ತಾಯಿಸುತ್ತಿದ್ದಾರೆ. ಆದರೆ ನಾನು ಇನ್ನು ಮುಂದೆ ಯಾವುದೇ… pic.twitter.com/v0S4tCQ30o
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