केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देशभर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विपक्ष ने इसे देश के युवाओं, छात्रों और लोकतंत्र की एक बड़ी जीत करार दिया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि सरकार का अहंकार आखिरकार युवाओं के संघर्ष के सामने टूट गया है।
युवाओं ने हार नहीं मानी, इसलिए झुकी सरकार कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह देश के छात्रों की एकता की जीत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं ने हार नहीं मानी और डटकर संघर्ष किया, जिसका परिणाम आज सरकार के झुकने के रूप में सामने आया है।
छात्र आंदोलन की पहली बड़ी सफलता हरियाणा के चरखी दादरी में कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने इसे एक लंबी लड़ाई की पहली कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि यह सरकार के अहंकार की हार है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सिर्फ इस्तीफा काफी नहीं है। जब तक देश की परीक्षा प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी और भरोसेमंद नहीं हो जाती, तब तक युवाओं का यह संघर्ष जारी रहेगा।
सड़कों पर उतरा युवाओं का आक्रोश: अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस आंदोलन के स्वरूप पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जो आंदोलन सोशल मीडिया से शुरू हुआ था, वह अंततः सड़कों तक पहुंचा और परिणाम यह रहा कि सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा। उन्होंने पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून और रोजगार के नए अवसरों की वकालत की।
लोकतंत्र की वापसी: विपक्ष का रुख शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने तो यहां तक कह दिया कि वर्षों से कोमा में चल रहा लोकतंत्र इस आंदोलन के कारण फिर से जीवित हो गया है। वहीं, आम आदमी पार्टी के अनुराग ढांडा और अन्य नेताओं ने भी इसे युवाओं की मेहनत का फल बताया। उनका मानना है कि सरकार को अब जवाबदेही स्वीकार करनी ही होगी।
सिर्फ मंत्री का इस्तीफा काफी नहीं, सुधार की जरूरत इस्तीफे के बाद अब देश भर में शिक्षा प्रणाली में आमूलचूल बदलाव की मांग तेज हो गई है। विपक्ष का तर्क है कि चेहरा बदलने से व्यवस्था नहीं सुधरेगी। शिक्षा व्यवस्था को पेपर लीक मुक्त बनाने और भविष्य की परीक्षाओं को सुरक्षित करने के लिए कड़े कदम उठाना अब सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
आने वाले दिनों में शिक्षा सुधार और युवा रोजगार का मुद्दा भारतीय राजनीति के केंद्र में रहने वाला है। प्रसिद्ध शिक्षाविद सोनम वांगचुक ने भी इसे लोकतंत्र की जीत बताते हुए कहा है कि अब जवाबदेही तय करने के साथ-साथ वास्तविक सुधारों का समय आ गया है।
STORY | ‘Youth did not bend, govt had to’: Priyanka Gandhi on Pradhan’s resignation
— Press Trust of India (@PTI_News) July 25, 2026
Congress MP Priyanka Gandhi Vadra on Saturday welcomed the resignation of Dharmendra Pradhan as Union Education Minister, saying that the government had to bend before the youth and students of… pic.twitter.com/aByBJM817k
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