अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनातनी किसी बड़े संघर्ष की ओर बढ़ती दिख रही है। लगातार 13वीं रात हुई सैन्य कार्रवाइयों ने दोनों देशों के बीच शांति की सभी उम्मीदों को धूमिल कर दिया है। हालात इतने नाजुक हैं कि पश्चिम एशिया में अमेरिकी दूतावासों ने अपने नागरिकों को हाई अलर्ट पर रहने और आपातकालीन निकासी के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है।
समुद्री नाकाबंदी और अमेरिकी सख्ती ईरान को अलग-थलग करने के लिए अमेरिका ने अपनी समुद्री घेराबंदी और तेज कर दी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, पिछले नौ दिनों में 12 वाणिज्यिक जहाजों का रास्ता बदला गया है। अमेरिकी बलों ने एम/टी लवीन नामक कार्गो जहाज को ओमान की खाड़ी में रोका। चेतावनी के बावजूद जहाज द्वारा निर्देश न मानने पर अमेरिकी सेना ने उसके इंजन पर गोलीबारी कर उसे निष्क्रिय कर दिया।
तेल टैंकरों पर मिसाइल हमले इससे पहले 15 जुलाई को फारस की खाड़ी में तेल टैंकर बेल्मा पर भी अमेरिकी विमानों ने मिसाइल से हमला किया था। यह जहाज ईरान के मुख्य तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप की ओर जा रहा था। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्गों पर आवाजाही ठप होने का खतरा पैदा हो गया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने भी पड़ोसी देशों को आगाह किया है कि वे अमेरिकी सैन्य ठिकानों से दूरी बनाए रखें।
यमन और लाल सागर में बिगड़े हालात तनाव अब यमन तक फैल चुका है। सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने लाल सागर में अपने तेल टैंकरों पर हुए हमलों का बदला लेने के लिए यमन के हुदैदा बंदरगाह को निशाना बनाया है। इन हमलों के पीछे ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों का हाथ है, जिन्होंने चेतावनी दी है कि वे भविष्य में और अधिक घातक हमले करेंगे। हूती विद्रोहियों की इस धमकी ने यमन में लंबे समय से बनी शांति को खतरे में डाल दिया है।
ट्रंप की रणनीति: कोई जल्दी नहीं इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी कूटनीतिक प्रयासों को सबसे गंभीर वार्ता करार दिया है। हालांकि, कूटनीति की बातें करने के बावजूद अमेरिका ईरान पर लगातार सैन्य हमले कर रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि उन्हें युद्ध समाप्त करने की कोई जल्दी नहीं है। अमेरिका के इस दोहरे रुख ने ईरान के साथ जारी गतिरोध को और अधिक अनिश्चित बना दिया है।
Since resuming the naval blockade against Iran nine days ago, CENTCOM has redirected 12 commercial vessels and disabled 1 to prevent ships from entering or leaving Iranian ports or coastal areas. pic.twitter.com/zV8zAK0H2X
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 23, 2026
आप जैसी मां होती तो मैं कर लेती सुसाइड... लॉक अप 2 में शिल्पा शिंदे पर भड़कीं शिवांगी जोशी
बिजली के खंभे पर फंसा रहा भालू, 7200 वोल्ट के करंट ने ली जान
मुनव्वर फारूकी का तीखा प्रहार: सेलेब्स की चुप्पी बहादुरी नहीं, सुविधा है
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: पोलियो और गरीबी को हराकर झंडू कुमार ने रचा इतिहास, भारत को दिलाया पहला मेडल
क्या मुझे किसी से कैरेक्टर सर्टिफिकेट लेना होगा? : सीक्रेट डील के आरोपों पर भड़के सोनम वांगचुक
अस्पताल या नॉर्थ कोरिया की जेल? सोनम वांगचुक का सनसनीखेज खुलासा
होटल के बाहर पत्नी को दूसरे के साथ देख भड़का पति, फिर जो हुआ उसे देख दंग रह गए लोग
ये अंधे-बहरे हैं : नीट मुद्दे पर सुधांशु पांडे का बॉलीवुड और प्रदर्शनकारियों पर तीखा हमला
नीट विवाद के बीच सोशल मीडिया पर क्यों घिरे गौतम गंभीर और अजीत अगरकर?
नीट पेपर लीक: सरकार के साथ निर्णायक बैठक आज, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं तो संसद मार्च की चेतावनी