वाशिंगटन/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हालिया बयानों ने मिडिल ईस्ट में एक बड़े सैन्य टकराव की आशंकाओं को जन्म दे दिया है। ट्रम्प ने दोटूक कहा है कि ईरान पर हमले की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और अब केवल अंतिम फैसले का इंतजार है।
ट्रम्प की चेतावनी: ईरान अभी सुरक्षित है, पर कब तक? राष्ट्रपति ट्रम्प ने तेहरान को स्पष्ट संदेश दिया है कि अमेरिका ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि ईरान के इरादे गलत हैं और उन्हें रोकने के लिए अमेरिका पूरी तरह तैयार है। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने पलटवार करते हुए कहा है कि अगर अमेरिका ने हमला किया, तो उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
ब्रिटेन की सीधी भागीदारी, ठिकानों पर खतरा ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। इसमें हिंद महासागर स्थित डिएगो गार्सिया और ब्रिटेन का फेयरफोर्ड एयरबेस शामिल है। इसके जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने धमकी दी है कि यदि ब्रिटिश ठिकानों का इस्तेमाल उनके खिलाफ हुआ, तो वे उन ठिकानों को भी निशाना बनाएंगे।
लाल सागर में युद्ध का साया यमन के हूथी विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों— एन्सेलिया और लैला— को निशाना बनाया है। इस हमले के बाद सुरक्षा कारणों से करीब 10 बड़े जहाजों ने अपना रास्ता बदल लिया है। अब ये जहाज अफ्रीका के केप ऑफ गुड होप के लंबे और महंगे रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन पर गहरा असर पड़ रहा है।
भारतीय उड़ानों पर संकट इस भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर भारतीय विमानन क्षेत्र पर भी पड़ा है। सुरक्षा चिंताओं के चलते अब तक लगभग 26,000 भारतीय अंतरराष्ट्रीय उड़ानें या तो रद्द कर दी गई हैं या उनके रूट में बदलाव किया गया है। यात्रियों को भारी देरी और दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ट्रम्प की बड़ी राजनीतिक जीत तनाव के बीच, ट्रम्प को घरेलू मोर्चे पर बड़ी कामयाबी मिली है। अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने 95 अरब डॉलर के रक्षा बजट को मंजूरी दे दी है। यह फंड न केवल सेना की तैयारियों को और मजबूत करेगा, बल्कि ईरान के साथ संभावित युद्ध की स्थिति में अमेरिका को बड़ी आर्थिक ताकत भी देगा। अब इस विधेयक को सीनेट की मंजूरी का इंतजार है।
.@POTUS: We re doing very well against the Islamic Republic of Iran—we re doing extremely well. They would like to do something, but I say they re not ready yet. They need more of the same... they ve got some evil intentions. We cannot let them have a nuclear weapon. pic.twitter.com/3PfEOnMroy
— Rapid Response 47 (@RapidResponse47) July 23, 2026
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