नीट पेपर लीक: दिल्ली में सड़क से संसद तक घमासान, बीजेपी ने आंदोलन को बताया नाटक
News Image

नई दिल्ली: नीट (NEET) पेपर लीक को लेकर देश की राजधानी दिल्ली में चल रहा छात्र आंदोलन उग्र हो गया है। सोमवार को संसद के मानसून सत्र के दौरान हजारों की संख्या में छात्रों ने संसद चलो मार्च निकालने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस और छात्रों के बीच तीखी झड़प हुई। सोशल मीडिया पर लाठीचार्ज के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं।

विपक्ष का मोर्चा और हिरासत छात्रों के समर्थन में मंगलवार को राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने प्रधानमंत्री आवास तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान विपक्षी नेताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने कई प्रमुख विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले लिया है। इस घटनाक्रम ने देश की राजनीति में एक नया उबाल ला दिया है।

बीजेपी का पलटवार: सरकार को बदनाम करने की साजिश आंदोलन के बीच सत्ताधारी दल ने आक्रामक रुख अपना लिया है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि सरकार ने पेपर लीक मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच एजेंसी नियुक्त कर दी है, फिर भी विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है, जो पूरी तरह से राजनीतिक प्रेरित है।

चंद्रशेखर बावनकुले ने प्रदर्शन को बताया नौटंकी महाराष्ट्र सरकार के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शन पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा, 140 करोड़ भारतीयों ने पीएम मोदी को भारी जनादेश दिया है। सरकार ने जांच एजेंसी नियुक्त कर दी है, तो क्या इसका मतलब यह है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान या सरकार ने पेपर लीक किया? उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यह प्रदर्शन महज एक नाटक है, जिसका मकसद युवाओं को भड़काना है।

उत्पात मचाना ठीक नहीं : कंगना रनौत वहीं, मंडी से बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि संसद का सत्र हर मुद्दे पर चर्चा के लिए होता है। उन्होंने कहा, हम चाहते हैं कि सदन चले और विपक्ष अपने सवाल रखे, लेकिन अगर सड़क पर उत्पाद मचाया जाएगा, तो यह सही नहीं है। जनता ने जिसे चुना है, सरकार चलाने का अधिकार और प्रक्रिया उन्हीं का विषय है।

सियासत और समाधान का इंतजार एक तरफ छात्र अपनी मांगों और भविष्य की सुरक्षा को लेकर सड़कों पर हैं, तो दूसरी तरफ सत्ता और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। सरकार का दावा है कि वह दोषियों पर कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहा है। फिलहाल, इस आंदोलन का असर संसद की कार्यवाही पर भी साफ दिखाई दे रहा है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

पिकएक्स माउंटेन के नीचे फिर सुलग रहा ईरान का परमाणु कार्यक्रम? मोसाद का बड़ा दावा

Story 1

# लंदन में दिखा हिटमैन का देसी अंदाज: हाई कमीशन की दावत में लाइन में लगकर खाया दाल-चावल

Story 1

रामेश्वरम-मदुरई के लिए रवाना हुई आस्था की स्पेशल ट्रेन: बुजुर्गों के सपनों को मिली नई उड़ान

Story 1

हवा में ही होगा मच्छरों का एनकाउंटर : अमेरिकी स्टार्टअप ने बनाया घातक माइक्रो-ड्रोन

Story 1

अखिलेश का पुलिस से सवाल- कहां ले जा रहे हो भाई? , पीएम आवास के बाहर हाई-वोल्टेज ड्रामा

Story 1

देश भर में मानसून का तांडव: जम्मू-कश्मीर में 23 मौतें, असम से लेकर राजस्थान तक भारी बारिश का अलर्ट

Story 1

हम किसी से कम नहीं , भारत के खिलाफ बिगुल फूंकते हुए सिकंदर रजा ने दिया बड़ा बयान

Story 1

नीट पेपर लीक पर फिर फिसली रवि किशन की जुबान, पीएम मोदी के कड़े एक्शन का किया दावा

Story 1

दिल्ली की ओर पैदल मार्च: सरकार ने मानीं दो मांगें, फिर भी डटे किसान

Story 1

क्या देश में लौट रही है कोरोना की लहर? बिहार से लेकर आंध्र प्रदेश तक बढ़ी चिंता