कारगिल विजय दिवस (26 जुलाई) की पूर्व संध्या पर पाकिस्तान के भीतर से उठ रही आवाजों ने वहां की सेना की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (F) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने सीधे तौर पर पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व और सेना प्रमुख आसिम मुनीर को घेरे में लिया है।
शहीदों की संख्या पर चुप्पी क्यों? फजलुर रहमान ने तीखे लहजे में सवाल किया कि 1999 के कारगिल युद्ध को 27 साल बीत चुके हैं, लेकिन सेना आज तक यह बताने में नाकाम रही है कि उस युद्ध में उसके कितने सैनिक मारे गए थे। उन्होंने कहा कि अगर सेना वास्तव में अपने शहीदों का सम्मान करती है, तो सबसे पहले उनके सही आंकड़ों को सार्वजनिक करना चाहिए।
लाशें लेने से भी किया था इनकार मौलाना ने बेहद संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तान ने अपने सैनिकों के शवों तक को स्वीकार नहीं किया था। उन्होंने दावा किया कि कई शव भारतीय सेना के पास ही रह गए थे, जिनका सम्मान के साथ अंतिम संस्कार भारत ने किया। उन्होंने कर्नल शेर खान का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत के कड़े रुख के बाद ही पाकिस्तान ने उनके शव को स्वीकार किया था।
राजनीति करनी है तो वर्दी उतारो सेना की कार्यप्रणाली पर निशाना साधते हुए फजलुर रहमान ने कहा कि सैन्य नेतृत्व गलत फैसलों की जिम्मेदारी लेने के बजाय शहीदों के नाम का सहारा लेकर छिप जाता है। उन्होंने सेना को खुली चुनौती देते हुए कहा, अगर आपको राजनीति करनी है, तो वर्दी उतारकर चुनाव के मैदान में उतरिए। तब पता चलेगा कि जनता आपको कितना समर्थन देती है।
कौन हैं मौलाना फजलुर रहमान? फजलुर रहमान पाकिस्तान के एक कद्दावर धार्मिक और राजनीतिक नेता हैं। वे जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (JUI-F) के प्रमुख हैं और सात बार नेशनल असेंबली के सदस्य रह चुके हैं। खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में उनका भारी प्रभाव है। लंबे समय तक अफगान तालिबान के करीबी माने जाने वाले फजलुर रहमान का यह बयान पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति में एक बड़ा भूचाल लेकर आया है।
सैनिकों के प्रति अन्याय का आरोप फजलुर रहमान के मुताबिक, सेना जनता के टैक्स के पैसे से वेतन लेती है, लेकिन वही सेना अपने ही सैनिकों के बलिदान का अपमान कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे सेना द्वारा थोपी गई किसी भी नीति का समर्थन नहीं करेंगे। उनके इस बयान ने पाकिस्तान की सत्ता और सेना के बीच चल रही तनातनी को और अधिक सार्वजनिक कर दिया है।
#BREAKING: Top Pakistani politician and MP Fazal-ur-Rehman has hit out at the Pakistan Army days ahead of Kargil Vijay Diwas. Rehman alleged that the Pakistan Army concealed its casualties during the 1999 Kargil War with India and, to date, has not publicly released the list of… pic.twitter.com/woo7hhbMsv
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) July 20, 2026
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