अनशन खत्म करने को तैयार सोनम वांगचुक, सरकार के सामने रखी 3 कड़ी शर्तें
News Image

दिल्ली में जारी सियासी घमासान के बीच प्रख्यात पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया है, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने सरकार के सामने तीन बड़ी शर्तें रख दी हैं। वांगचुक का कहना है कि यदि इन शर्तों में से कोई भी एक मान ली जाती है, तो वे तुरंत अपना अनशन वापस ले लेंगे।

सोशल मीडिया पर जारी लेटर बम

संसद के मानसून सत्र के पहले दिन वांगचुक ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से एक पत्र जारी किया। इसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि वे 20 जुलाई को ही भूख हड़ताल समाप्त करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि उनके अनशन का भविष्य अब पूरी तरह से सरकार के रुख पर निर्भर करता है।

वांगचुक की 3 प्रमुख शर्तें

सोनम वांगचुक ने आंदोलन समाप्त करने के लिए जो शर्तें रखी हैं, उनका सीधा संबंध देश की शिक्षा प्रणाली और संसद की जवाबदेही से है:

  1. पेपर लीक की जिम्मेदारी: सरकार को हालिया शिक्षा प्रणाली की विफलताओं और लगातार हो रहे पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करनी होगी।
  2. संसद तक मार्च की अनुमति: वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं को शांतिपूर्वक संसद भवन तक जाने दिया जाए, जहाँ विपक्षी सांसद उन्हें यह भरोसा दिलाएं कि वे इस मुद्दे को सदन के भीतर मजबूती से उठाएंगे।
  3. सांसदों से संवाद: यदि स्वास्थ्य कारणों या प्रशासनिक पाबंदी के चलते उनका संसद तक जाना संभव नहीं है, तो विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद खुद सफदरजंग अस्पताल आकर उन्हें मजबूती से इस मुद्दे को उठाने का आश्वासन दें।

अस्पताल में अवैध कैद का आरोप

वांगचुक ने दिल्ली पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि सफदरजंग अस्पताल में उन्हें अवैध हिरासत में रखा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल के भीतर उन्हें न तो कहीं आने-जाने दिया जा रहा है और न ही मीडिया या आम लोगों से मिलने की आजादी है, जो उनके मौलिक अधिकारों का हनन है।

जंतर-मंतर पर तनाव और लुटियंस दिल्ली में सुरक्षा

सोनम वांगचुक 28 जून से शिक्षा सुधार और पेपर लीक के खिलाफ अनशन पर हैं। शनिवार को दिल्ली पुलिस द्वारा उन्हें जंतर-मंतर से जबरन उठाकर अस्पताल में भर्ती कराने के बाद से आक्रोश और बढ़ गया है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की तीन-स्तरीय सुरक्षा घेरेबंदी को तोड़ दिया है।

सीजेपी के संसद चलो मार्च और संसद सत्र को देखते हुए पूरी लुटियंस दिल्ली को छावनी में बदल दिया गया है। चप्पे-चप्पे पर भारी सुरक्षाबल तैनात हैं और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार वांगचुक की शर्तों पर कोई प्रतिक्रिया देती है या नहीं।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

लामिन यमाल का खुल्लम-खुल्ला प्यार: वर्ल्ड कप जीत के बाद मैदान पर गर्लफ्रेंड संग रोमांटिक हुए स्पेन के लकी चार्म

Story 1

जंतर-मंतर पर तनाव: प्रदर्शन के दौरान अचानक बेहोश हुए सीजेपी चीफ अभिजीत दीपके

Story 1

हिंदी क्लासिक गाने का इंडोनेशियाई अवतार देख फिदा हुए आनंद महिंद्रा, बोले- संगीत की कोई सीमा नहीं

Story 1

यूपी के 37 जिलों में अगले 3 घंटे बेहद चुनौतीपूर्ण: भारी बारिश और ठनका का अलर्ट जारी

Story 1

जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद CJP का बड़ा ऐलान: मांगें पूरी होने तक नहीं रुकेंगे

Story 1

सड़कों पर उतरने से समाधान नहीं निकलता , CJP विरोध-प्रदर्शन पर हेमा मालिनी का बड़ा बयान

Story 1

छात्रों पर लाठीचार्ज से भड़के राहुल गांधी: PM मोदी को बताया इतिहास का सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री

Story 1

सोनम वांगचुक का ऐलान: जब तक युवाओं को न्याय नहीं मिलता, जारी रहेगा मेरा अनशन

Story 1

लॉर्ड्स में विराट-रोहित का ‘सीक्रेट मूवमेंट’: क्या गंभीर को लेकर हुई कोई तंज भरी बात?

Story 1

चलो संसद मार्च: दिल्ली की सड़कों पर उबाल, पंजाब से केजरीवाल बोले- अहंकार छोड़ बच्चों से बात करें PM