नागालैंड के मोन में कुदरत का कहर: लैंडस्लाइड और फ्लैश फ्लड से 3 की मौत, मलबे में दबे होने की आशंका
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मोन, नगालैंड: भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों में मानसून का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। नगालैंड के मोन जिले में रविवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और भूस्खलन की चपेट में आने से कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई है।

मलबे में दबी उम्मीदें तेज बारिश के कारण पहाड़ों से मलबा नीचे आ गिरा, जिससे कई रिहायशी मकान ढह गए। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, अब तक एक महिला और एक पुरुष समेत तीन शव बरामद किए जा चुके हैं। अभी भी कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने का खतरा बना हुआ है।

बाधित हुआ जनजीवन लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी रास्तों पर जगह-जगह लैंडस्लाइड हुआ है, जिससे प्रमुख संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। नगालैंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NSDMA) के अनुसार, बाढ़ और भूस्खलन ने सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और निजी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया है। शहर का सामान्य जनजीवन पूरी तरह ठप पड़ा है।

युद्धस्तर पर राहत कार्य खराब मौसम और दुर्गम रास्तों के बावजूद राहत और बचाव अभियान जारी है। राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), जिला पुलिस और असम राइफल्स की टीमें संयुक्त रूप से मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों को निकालने का काम कर रही हैं। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है।

सरकार की नजर, प्रशासन सख्त मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है और सभी एजेंसियों को पूरी तत्परता से राहत कार्य में जुटने के निर्देश दिए गए हैं। उपमुख्यमंत्री यंथुंगो पैटन ने भी सभी विभागों के साथ समन्वय बनाकर काम करने की बात कही है।

सतर्कता बरतने की अपील जिला प्रशासन ने स्थानीय लोगों के लिए चेतावनी जारी की है। लोगों को नदी के किनारे, ढलान वाले इलाकों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है, जिसके मद्देनजर प्रशासन ने नागरिकों को पूरी तरह सतर्क रहने को कहा है।

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