नई दिल्ली। भारत ने अंतरिक्ष की दौड़ में एक और बड़ी छलांग लगाई है। शनिवार, 18 जुलाई को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से देश के पहले निजी ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 का सफल प्रक्षेपण किया गया। इस ऐतिहासिक मिशन को स्काईरूट एयरोस्पेस ने अंजाम दिया है।
दोपहर 12:05 बजे जैसे ही विक्रम-1 ने श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरी, भारत के निजी स्पेस सेक्टर के लिए एक नया अध्याय शुरू हो गया। हालांकि, मौसम और तकनीकी कारणों से लॉन्च में 35 मिनट की देरी हुई, लेकिन अंततः यह मिशन पूरी तरह सफल रहा। मिशन आगमन नाम का यह रॉकेट लगभग 16 मिनट तक अंतरिक्ष में सक्रिय रहा।
22 मीटर ऊंचे और 1.7 मीटर व्यास वाले इस रॉकेट को विशेष रूप से छोटे सैटेलाइट्स को पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO) में स्थापित करने के लिए तैयार किया गया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह से कार्बन बॉडी और 3D प्रिंटेड इंजनों से लैस है। यह भारत की आत्मनिर्भरता और निजी क्षेत्र की तकनीकी क्षमता का एक बेहतरीन उदाहरण है।
स्काईरूट एयरोस्पेस के सीईओ पवन कुमार चंदना की कहानी लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है। एक मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाले पवन ने स्वीकार किया था कि कभी स्कूल में उनके गणित में सिर्फ 51 अंक आए थे। हालांकि, तकनीक के प्रति उनके जुनून ने उन्हें IIT खड़गपुर तक पहुंचाया।
अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद पवन ने ISRO के विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र में वैज्ञानिक के रूप में कार्यभार संभाला। उन्होंने GSLV Mk-III जैसे बड़े मिशनों में योगदान दिया और 2016 में ISRO के दो इनोवेशन अवॉर्ड्स भी जीते।
लेकिन, अंतरिक्ष क्षेत्र में ऑन-डिमांड लॉन्चिंग की जरूरत को भांपते हुए, उन्होंने और उनके दोस्त नागा भरत डाका ने 2018 में सरकारी नौकरी छोड़ दी। उन्होंने स्काईरूट एयरोस्पेस की स्थापना की, जिसका लक्ष्य अंतरिक्ष तक पहुंच को मोबाइल से कैब बुक करने जितना आसान बनाना था।
स्काईरूट की सफलता अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचानी जा रही है। ब्लैकरॉक और टेमासेक जैसे वैश्विक निवेशकों से भारी निवेश हासिल करने के बाद, यह भारत की पहली स्पेसटेक यूनिकॉर्न कंपनी बन गई है। पवन चंदना का नाम फोर्ब्स 30 अंडर 30 सूची में भी दर्ज हो चुका है।
विक्रम-1 की यह सफलता केवल एक रॉकेट का लॉन्च नहीं है, बल्कि यह भारत के उन सपनों की उड़ान है जो अब सरकारी सीमाओं से निकलकर प्राइवेट सेक्टर के माध्यम से आसमान की ऊंचाइयों को छू रहे हैं।
*#WATCH | Andhra Pradesh: India s first privately developed orbital-class rocket, Vikram-1, launched from the Satish Dhawan Space Centre in Sriharikota
— ANI (@ANI) July 18, 2026
Built by Hyderabad-based Skyroot Aerospace, Vikram-1 is powered by three solid-fuel stages and a liquid orbital adjustment… pic.twitter.com/QQC9CPjcxH
अंडर-19 वर्ल्ड कप के हीरो मंजीत कालरा गिरफ्तार, लंका प्रीमियर लीग में मैच फिक्सिंग का आरोप
फीफा वर्ल्ड कप 2026: इतिहास के पन्नों में दर्ज हुआ एम्बाप्पे का नाम, बनाए ये बड़े रिकॉर्ड
अभिषेक बनर्जी के अवैध दफ्तर पर चला बुलडोज़र, दक्षिण 24 परगना में भारी बवाल
अब शहीद कैप्टन सुनील के नाम से गूंजेगा कठुआ रेलवे स्टेशन, केंद्र ने दी मंजूरी
कॉलेज का सपना और गार्ड की वर्दी: एक अधूरी कहानी जो दिल झकझोर देगी
चलती ट्रेन में मोबाइल चुराना पड़ा महंगा, यात्रियों ने खिड़की पर ही लटकाया चोर
टीम इंडिया से अलग हुए विराट कोहली: लंदन पहुंचते ही होटल से सीधे घर के लिए निकले किंग
ISRO की नौकरी छोड़ बनाई अरबों की कंपनी: दो दोस्तों ने भारत को दिलाया स्पेस में नया मुकाम
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार: यामी गौतम का जलवा, कार्तिक आर्यन और ममूटी बने बेस्ट एक्टर
द अलायंस में बवाल: निखिल को धक्का देना पड़ा भारी, कुणाल खेमू की फटकार से रो पड़े कुशाल टंडन