वॉशिंगटन और बगदाद के बीच हुए एक ऐतिहासिक समझौते के बाद, इराक में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी के अध्याय का समापन होने वाला है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इराकी प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने पुष्टि की है कि इस साल 30 सितंबर तक इराक से अमेरिकी सैनिकों की पूरी तरह वापसी हो जाएगी।
अब वहां सैन्य जरूरत नहीं : ट्रंप व्हाइट हाउस में इराकी प्रधानमंत्री के साथ बैठक के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इराक में अब अमेरिकी सैन्य शक्ति की वैसी जरूरत नहीं रही। उन्होंने कहा, हमें अब वहां अपनी सेना रखने की आवश्यकता महसूस नहीं होती। इस फैसले को साल 2003 में सद्दाम हुसैन के खिलाफ शुरू हुए अमेरिकी सैन्य अभियान के आधिकारिक अंत के रूप में देखा जा रहा है।
23 साल का लंबा सैन्य सफर साल 2003 में जॉर्ज डब्ल्यू बुश के कार्यकाल में शुरू हुआ यह अभियान आधुनिक इतिहास के सबसे लंबे और विवादास्पद ऑपरेशनों में से एक रहा। सद्दाम हुसैन के पतन से लेकर साल 2014 में इस्लामिक स्टेट (ISIS) के खिलाफ युद्ध तक, अमेरिकी सेना ने इराक में सक्रिय भूमिका निभाई। इस दौरान अमेरिका ने इराकी सुरक्षा बलों को प्रशिक्षण और खुफिया मदद दी।
सुरक्षा से आर्थिक साझेदारी की ओर अमेरिकी और इराकी अधिकारियों के अनुसार, वापसी की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से होगी। हालांकि, यह पूरी तरह से अलगाव नहीं होगा। दोनों देश आतंकवाद विरोधी सहयोग और सुरक्षा तंत्र को किसी न किसी रूप में बनाए रखेंगे। अब अमेरिका और इराक का ध्यान सैन्य मौजूदगी के बजाय ऊर्जा क्षेत्र, तेल कंपनियों और आर्थिक निवेश पर केंद्रित है।
इराक के सामने चुनौतियों की परीक्षा इराकी प्रधानमंत्री अली अल-जैदी का मानना है कि इराकी सुरक्षा बल अब देश की सुरक्षा खुद संभालने में सक्षम हैं। हालांकि, रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी सेना के हटने के बाद इराक की आंतरिक सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए नई चुनौतियां पैदा हो सकती हैं। आतंकी समूहों की छिपी गतिविधियों और मध्य-पूर्व के बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए यह इराक के लिए बड़ी परीक्षा होगी।
रणनीति में बदलाव का संकेत यह फैसला अमेरिका की उस नीति का हिस्सा है जिसके तहत वह दुनिया भर में अपनी सैन्य मौजूदगी की समीक्षा कर रहा है और स्थानीय देशों को अपनी जिम्मेदारी खुद उठाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। सितंबर का महीना इराक-अमेरिका संबंधों में एक नए युग की शुरुआत का गवाह बनेगा, जहां बंदूक की जगह व्यापार और निवेश को प्राथमिकता दी जाएगी।
التقى رئيس مجلس الوزراء السيد علي فالح الزيدي، اليوم الثلاثاء، الرئيس الأمريكي السيد دونالد ترامب، في البيت الأبيض بالعاصمة الأمريكية واشنطن، حيث جرى بحث سبل تعزيز العلاقات الثنائية وتوسعة التعاون الاقتصادي، وفرص مشاركة الشركات الأمريكية في مشاريع التنمية بالعراق، خاصة في مجال… pic.twitter.com/CY7wcQDjtQ
— المكتب الإعلامي لرئيس الوزراء 🇮🇶 (@IraqiPMO) July 14, 2026
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