वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद विवाद को आपसी सहमति से सुलझाने की सुप्रीम कोर्ट की पहल विफल हो गई है। मंगलवार को वाराणसी कलेक्ट्रेट में हुई दोनों पक्षों की बैठक महज 20 मिनट तक ही चल सकी। तनावपूर्ण माहौल के बीच दोनों पक्ष अपने पुराने स्टैंड पर अड़े रहे, जिससे बातचीत किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले ही खत्म हो गई।
सुलह की मेज पर गरमाई बहस अपर जिला जज, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव और स्पेशल सीजेएम की मौजूदगी में यह बैठक शुरू हुई थी। जैसे ही चर्चा ने जोर पकड़ा, तीखी बहस शुरू हो गई। हिंदू पक्ष ने तर्क दिया कि ज्ञानवापी आदिविशेश्वर का पवित्र क्षेत्र है और मुस्लिम पक्ष को इसे सौंपकर माफी मांगनी चाहिए।
वहीं, दूसरी ओर अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी ने सरकारी दस्तावेजों का हवाला देते हुए दावा किया कि जगह मस्जिद के नाम पर दर्ज है। मुस्लिम पक्ष ने आरोप लगाया कि हिंदू पक्ष बिना किसी ठोस आधार के माहौल खराब कर रहा है और मामला केवल कानूनी दस्तावेजों से सुलझाया जा सकता है।
अदालत के भरोसे समाधान बैठक के बाद दोनों पक्षों ने स्पष्ट कर दिया कि इस संवेदनशील मामले का हल आपसी बातचीत से संभव नहीं है। दोनों पक्षों का मानना है कि अब जो भी फैसला होगा, वह अदालत की अंतिम सुनवाई के जरिए ही आएगा। सुप्रीम कोर्ट ने इस विवाद को सौहार्दपूर्ण तरीके से निपटाने के लिए विशेष लोक अदालत और मध्यस्थता का निर्देश दिया था, लेकिन यह कोशिश नाकाम रही।
छावनी में बदला कलेक्ट्रेट बातचीत के दौरान सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम थे। कलेक्ट्रेट परिसर को पुलिस ने छावनी में बदल दिया था। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त तीन वकीलों के विशेष पैनल की निगरानी में यह प्रक्रिया पूरी की गई। हिंदू पक्ष के समर्थक कोर्ट परिसर में हर-हर महादेव के नारे लगाते हुए पहुंचे, जिससे क्षेत्र में भारी गहमागहमी बनी रही।
42 मुकदमों में उलझा है फैसला वर्तमान में ज्ञानवापी विवाद कानूनी पचड़ों में बुरी तरह उलझा हुआ है। वाराणसी की अदालतों में इस समय 36 मामले लंबित हैं, जबकि इलाहाबाद हाईकोर्ट में 6 मुकदमे चल रहे हैं। इसमें मां शृंगार गौरी की पूजा और वैज्ञानिक सर्वे से लेकर 1991 से चला आ रहा भव्य मंदिर निर्माण का मुख्य मुकदमा भी शामिल है। अब सबकी निगाहें इसी कानूनी प्रक्रिया पर टिकी हैं।
*#WATCH | Varanasi, UP: On the Gyanvapi Case, Advocate for Hindu side, Subhash Nandan Tripathi says, The mediation process is underway following the Supreme Court s directive... However, there are also ongoing lawsuits in the district court—specifically regarding the Gyanvapi… pic.twitter.com/4Ju3S2dfGm
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) July 14, 2026
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