बद्रीनाथ मंदिर दान पेटी घोटाला: CCTV फुटेज से खुला बड़ा राज, संतों और नेताओं ने की दोषियों पर FIR की मांग
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बद्रीनाथ मंदिर में दान और चढ़ावे के साथ खिलवाड़ का मामला सामने आया है। मंदिर की दान पेटी से कथित चोरी और गड़बड़ी के खुलासे के बाद पूरे उत्तराखंड में हड़कंप मच गया है। इस मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) ने मुख्य कार्याधिकारी (CEO) को 18 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट सौंप दी है।

14 दिन के CCTV फुटेज में खुला सच

SIT की रिपोर्ट के अनुसार, चढ़ावे में यह गड़बड़ी कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। 14 दिनों की CCTV फुटेज की गहन जांच में यह सामने आया कि मंदिर के कर्मचारी बार-बार दान की रकम का दुरुपयोग कर रहे थे। रिपोर्ट में स्पष्ट है कि दान की राशि को लंबे समय से निशाना बनाया जा रहा था।

पहली कार्रवाई: निजी सहायक निलंबित

मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन कार्रवाई की गई है। श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने अध्यक्ष कार्यालय में तैनात निजी सहायक प्रमोद नौटियाल को 7 जुलाई को निलंबित कर दिया है। साथ ही उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

साध्वी निरंजन ज्योति: आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार इस मामले को पूरी गंभीरता से ले रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने वृंदावन की तर्ज पर सभी तीर्थ स्थलों पर बेहतर प्रबंधन की वकालत की।

स्वामी कैलाशानंद गिरि और नेताओं का रुख

आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज करने की मांग की है। वहीं, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि सरकार ने खुद पहल करके इस घपले को उजागर किया है, जो पारदर्शी शासन का प्रमाण है।

साध्वी ऋतंभरा का संदेश: संस्कारों की कमी है मुख्य वजह

साध्वी ऋतंभरा ने इस घटना को नैतिक पतन से जोड़ते हुए कहा कि यह समय समाज में सही संस्कारों के बीजारोपण का है। उन्होंने भक्तों से अपील की कि वे ऐसे मामलों से निराश होकर तीर्थ स्थलों से दूर न हों। उन्होंने कहा कि किसी भ्रष्ट व्यक्ति के कारण नदी या तीर्थ की पवित्रता कम नहीं होती, लेकिन दोषियों को सजा मिलना अनिवार्य है ताकि न्याय व्यवस्था बनी रहे।

फिलहाल, SIT की रिपोर्ट के बाद राज्य सरकार ने दोषियों पर नकेल कसने की प्रक्रिया तेज कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कड़े निर्देशों के बाद अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

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