फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में इंग्लैंड ने नॉर्वे को 2-1 से हराकर फाइनल में जगह बना ली है। लेकिन थॉमस ट्यूशेल की टीम की इस यादगार जीत के बाद मैदान पर हुआ रेफरी विवाद चर्चा का मुख्य केंद्र बन गया है।
क्या हुआ था उस पल में? विवाद की शुरुआत पहले हाफ के स्टॉपेज टाइम में हुई। नॉर्वे के गोलकीपर ओरजन नाइलैंड ने जब गोल किक ली, तो गेंद हवा में अचानक मुड़ गई। नॉर्वे के खिलाड़ियों का दावा था कि गेंद ऊपर लटक रहे स्पाइडरकैम की केबल से टकराई है। रेफरी क्लेमेंट टर्पिन ने इस अपील को अनसुना कर दिया और खेल जारी रहा, जिसके तुरंत बाद जूड बेलिंघम ने बराबरी का गोल दाग दिया।
फीफा की ‘कनेक्टेड बॉल’ टेक्नोलॉजी ने क्या कहा? विवाद गहराने पर फीफा ने आधिकारिक बयान जारी कर सफाई दी। फीफा के अनुसार, मैच बॉल में लगी माइक्रोचिप और कनेक्टेड बॉल टेक्नोलॉजी के डेटा में कोई असामान्य हलचल नहीं देखी गई। सेंसर का डेटा स्पष्ट रूप से दिखाता है कि गेंद और केबल के बीच कोई संपर्क नहीं हुआ था, इसलिए तकनीकी रूप से बेलिंघम का गोल पूरी तरह वैध था।
नियम क्या कहते हैं? फुटबॉल के नियमों के अनुसार, यदि गेंद किसी बाहरी वस्तु (जैसे केबल) से टकराती है, तो खेल को तुरंत रोककर ड्रॉप्ड बॉल से फिर शुरू करना अनिवार्य है। चूंकि रेफरी और तकनीक दोनों ने इसे गलत पाया, इसलिए नॉर्वे का दावा खारिज कर दिया गया।
एर्लिंग हालैंड और नॉर्वे का आक्रोश इस फैसले के बाद नॉर्वे का खेमा दंग रह गया। गोलकीपर नाइलैंड हताशा में मैदान पर हाथ पटकते दिखे, जबकि स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड और कोच स्टेल सोलबैकेन ने हाफ-टाइम के दौरान सुरंग (टनल) में रेफरी के सामने जमकर विरोध दर्ज कराया।
VAR पर उठते सवाल नॉर्वे की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुईं। बाद में लियो हेगम का एक गोल भी VAR के हस्तक्षेप के बाद रद्द कर दिया गया। रेफरी ने माना कि कॉर्नर से पहले एर्लिंग हालैंड ने फाउल किया था। इस टूर्नामेंट में VAR और तकनीक से जुड़े लगातार फैसलों ने प्रशंसकों और खिलाड़ियों के बीच पक्षपात की बहस को जन्म दे दिया है।
क्या यह आधुनिक तकनीक खेल को निष्पक्ष बना रही है या विवादों को और हवा दे रही है? सेमीफाइनल की यह घटना वर्ल्ड कप इतिहास में एक लंबे समय तक याद रखी जाएगी।
Before England’s goal in minute 45+2 against Norway, the sensor in the Connected Ball showed no peak in the heartbeat of the ball when in the air, and therefore no evidence that the ball touched the overhead wire and changed the movement of the ball. pic.twitter.com/gYf9ukfveT
— FIFA Media (@fifamedia) July 11, 2026
गड़चिरोली के 40 हजार बंगाली नागरिकों को मिला जमीन का मालिकाना हक, दशकों पुराना संघर्ष खत्म
फीफा वर्ल्ड कप 2026: ब्रील एम्बोलो के लिए रेड कार्ड बना मुसीबत, स्विट्जरलैंड की उम्मीदों को बड़ा झटका
ईरान-अमेरिका संघर्ष की आग में झुलसे भारतीय: एक नाविक लापता, भारत ने जताई कड़ी चिंता
E20 पेट्रोल पर केजरीवाल का केंद्र पर बड़ा हमला: जबरन थोपे गए फैसले से जनता त्रस्त
मुजफ्फरपुर को मिली 1047 करोड़ की सौगात: 10 दिनों में पताही एयरपोर्ट का होगा शिलान्यास
ओमान तट पर कमर्शियल जहाज पर हमला, 11 भारतीय थे सवार; एक लापता
गोविंदा की पत्नी सुनीता लॉक अप 2 से बाहर, एक्टर ने कहा- दोस्तों ने भेजे थे गाली-गलौज वाले वीडियो
बाहुबली की राजमाता का डाइट सीक्रेट: फ्लाइट में घर का खाना ही क्यों है पहली पसंद?
टॉयलेट के बहाने घर में घुसा डिलीवरी एजेंट, महिला से की घिनौनी हरकत; आरोपी गिरफ्तार
कप्तानी में फ्लॉप सरपंच : श्रेयस अय्यर के नाम दर्ज हुए 15 शर्मनाक रिकॉर्ड, टीम इंडिया का बुरा हाल