वियतनाम बोट हादसा: लावा इंटरनेशनल के 15 कर्मचारियों की मौत, शोक में डूबा भारत
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वियतनाम के खूबसूरत फु क्वोक (Phu Quoc) द्वीप पर हुई एक दिल दहला देने वाली नाव दुर्घटना ने पूरे भारत को स्तब्ध कर दिया है। शनिवार को समुद्र की लहरों का आनंद ले रहे भारतीय पर्यटकों से भरी एक टूरिस्ट नाव अचानक पलट गई, जिसमें 15 भारतीयों की मौत हो गई है।

क्या हुआ था उस मनहूस पल में?

यह हादसा फु क्वोक द्वीप समूह के पास होन मे रुट न्गोई के करीब हुआ। नाव में कुल 36 लोग सवार थे, जिनमें 32 भारतीय पर्यटक और 4 स्थानीय क्रू मेंबर शामिल थे। बताया जा रहा है कि समुद्र की लहरों में आए अचानक बदलाव के कारण नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह बीच समंदर में पलट गई। वियतनामी सुरक्षा बलों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, जिसमें 21 लोगों को बचा लिया गया, लेकिन 15 लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी।

लावा इंटरनेशनल के कर्मचारी थे मृतक

यह त्रासदी और भी गहरी है क्योंकि सभी मृतक मशहूर इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी लावा इंटरनेशनल के कर्मचारी और उनके चैनल पार्टनर्स थे। कंपनी ने उन्हें एक रिवॉर्ड ट्रिप पर वियतनाम भेजा था। लावा इंटरनेशनल ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए कहा कि उनके 14 चैनल पार्टनर और कंपनी के एक सदस्य की इस हादसे में दुखद मौत हो गई है। मृतक मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु के रहने वाले थे।

सरकार और दूतावास की सक्रियता

हादसे के तुरंत बाद वियतनाम में भारतीय दूतावास और हो ची मिन्ह सिटी स्थित वाणिज्य दूतावास सक्रिय हो गए हैं। तेलंगाना सरकार ने प्रभावित परिवारों की मदद के लिए एक विशेष कंट्रोल रूम (NRI विभाग) भी स्थापित किया है, जो पीड़ित परिवारों और वियतनामी प्रशासन के बीच समन्वय का काम कर रहा है।

शवों की वतन वापसी की प्रक्रिया

पीड़ित परिवारों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि उनके अपनों के शव भारत कब पहुंचेंगे। भारतीय दूतावास ने शवों को सुरक्षित स्वदेश लाने के लिए एक विशेष अंतरराष्ट्रीय एजेंसी को जिम्मा सौंपा है। रविवार से तकनीकी और कानूनी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, ताकि कागजी कार्रवाई पूरी कर शवों को जल्द से जल्द भारत भेजा जा सके।

क्या थी हादसे की असल वजह?

वियतनामी पुलिस ने अब इस मामले की जांच शुरू कर दी है। नाव के क्रू मेंबर्स को हिरासत में लिया गया है। जांच का मुख्य केंद्र यह है कि क्या यह अचानक आया कोई प्राकृतिक तूफान था या फिर नाव ऑपरेटरों की ओर से सुरक्षा मानकों में कोई बड़ी लापरवाही बरती गई थी। फिलहाल, भारतीय मिशन वियतनामी अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है।

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