बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव ने सियासी पारा बढ़ा दिया है। बीजेपी द्वारा घोषित उम्मीदवार अभिषेक कुमार सिन्हा ने नामांकन दाखिल करने के महज कुछ घंटों बाद ही अपना नाम वापस ले लिया। इस अचानक हुए घटनाक्रम ने न केवल समर्थकों को चौंका दिया है, बल्कि कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।
सियासी गलियारों में अटकलें अभिषेक कुमार सिन्हा ने नाम वापसी के पीछे पारिवारिक कारणों का हवाला दिया है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट नहीं किया कि कुछ ही घंटों में ऐसी क्या आपात स्थिति उत्पन्न हो गई। अभिषेक के नामांकन के समय सीएम सम्राट चौधरी खुद उनके लिए प्रचार कर रहे थे, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि पार्टी ने बिना पूरी जानकारी के उम्मीदवार का ऐलान क्यों किया था।
क्या चारा घोटाले की छाया बनी वजह? वरिष्ठ पत्रकारों का मानना है कि अभिषेक के माता-पिता का चारा घोटाले से जुड़ाव बीजेपी के लिए गले की फांस बन गया था। चूंकि बीजेपी खुद लंबे समय से चारा घोटाले को लेकर लालू प्रसाद यादव पर हमलावर रही है, ऐसे में पार्टी को खुद के दामन पर दाग लगने का डर सताने लगा था। माना जा रहा है कि पार्टी हाईकमान को इस संबंध में फीडबैक मिला, जिसके बाद उम्मीदवार को बदलने का निर्णय लिया गया।
आंतरिक गुटबाजी का नतीजा? कुछ विशेषज्ञ इसे बीजेपी के भीतर चल रही आपसी गुटबाजी का परिणाम मान रहे हैं। कन्हैया भेलारी जैसे वरिष्ठ पत्रकारों का तर्क है कि अभिषेक को प्रदेश अध्यक्ष नितिन नबीन की पसंद माना जा रहा था। पार्टी में एक वर्ग विशेष नबीन के बढ़ते प्रभाव से असहज है, और अभिषेक की उम्मीदवारी के बहाने शीर्ष नेतृत्व के सामने नबीन की साख कमजोर करने की कोशिश की गई।
प्रशांत किशोर की चुनौती इस सीट पर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर खुद मैदान में हैं। वे मतदाताओं के बीच जाकर सीधे अपील कर रहे हैं कि केंद्रीय नेतृत्व को संदेश देने के लिए बीजेपी को इस सीट पर हराना जरूरी है। बांकीपुर की सीट बीजेपी का गढ़ रही है, लेकिन कम मतदान प्रतिशत और प्रशांत किशोर की सक्रियता ने पार्टी की चिंता बढ़ा दी है।
बीजेपी की नई रणनीति अभिषेक कुमार सिन्हा के हटने के बाद बीजेपी ने नीरज कुमार सिन्हा को अपना नया उम्मीदवार बनाया है। नितिन नबीन की यह परंपरागत सीट रही है, जहां से वे लगातार जीतते आए हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या नीरज कुमार सिन्हा पार्टी के पुराने आधार को बचा पाएंगे या चारा घोटाले से जुड़े विवाद और प्रशांत किशोर की रणनीति बीजेपी के लिए भारी पड़ेगी।
उपचुनाव का गणित बांकीपुर उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को मतदान होगा और 3 अगस्त को नतीजे आएंगे। इस सीट पर विपक्षी पार्टी आरजेडी ने रेखा कुमारी (रेखा गुप्ता) को मैदान में उतारा है। प्रशांत किशोर का पहली बार खुद चुनाव लड़ना और बीजेपी का अपने गढ़ में बचाव की मुद्रा में आना, इस उपचुनाव को पूरे देश की नजरों में ले आया है।
बांकीपुर उपचुनाव में BJP उम्मीदवार ने छोड़ा मैदान, सुनिए पीके ने क्या कहा?#PKforBankipur #prashantkishor #bankipur #jansuraaj pic.twitter.com/LHjZtgblcZ
— Jan Suraaj (@jansuraajonline) July 10, 2026
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