न्यूजीलैंड की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली एक बार फिर चर्चा में है। इस बार चर्चा का कारण प्रेस कॉन्फ्रेंस का न होना है, जिस पर न्यूजीलैंड के एक पत्रकार ने विदेश मंत्रालय (MEA) से तीखा सवाल पूछा।
क्या था पत्रकार का सवाल? यात्रा के दौरान आयोजित मीडिया ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के सचिव (ईस्ट) रुद्रेंद्र टंडन से पूछा गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी यात्रा के दौरान पत्रकारों से बातचीत या प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं की? इस सवाल के जवाब में टंडन ने पहले तो मुस्कुराहट के साथ इसे देजा वू (ऐसी घटना जो पहले भी घट चुकी हो) करार दिया।
देजा वू वाला अहसास सचिव ने याद दिलाया कि इसी तरह का सवाल नॉर्वे यात्रा के दौरान भी पूछा गया था। टंडन ने कहा, एक सिविल सर्वेंट के रूप में मेरे लिए पीएम मोदी के राजनीतिक तौर-तरीकों पर सवाल उठाना उचित नहीं है, लेकिन वे बेहद सफल राजनेता हैं।
सीधा संवाद ही प्राथमिकता विदेश मंत्रालय के अनुसार, पीएम मोदी उन राजनेताओं में से हैं जो खुद को जनता के बीच सीधे तौर पर पेश करना पसंद करते हैं। टंडन ने स्पष्ट किया कि भारतीय वोटर, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र के लोग, नेताओं के साथ सीधा जुड़ाव चाहते हैं। उन्हें किसी बिचौलिए (मीडिया या माध्यम) के जरिए बात करना पसंद नहीं है।
तीसरे कार्यकाल का राज रुद्रेंद्र टंडन ने पीएम मोदी की सफलता का श्रेय उनकी जन-संपर्क कला को दिया। उन्होंने कहा, पीएम मोदी ने वोटरों के साथ सीधे संपर्क की कला में महारत हासिल कर ली है। यही वजह है कि वे आज अपने तीसरे कार्यकाल में हैं और देश के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्रियों में से एक हैं।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी अपनी तीन देशों की यात्रा (इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड) के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड पहुंचे थे। बीते 40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली न्यूजीलैंड यात्रा है।
VIDEO | When asked why PM Modi did not give a press conference to New Zealand journalists during the MEA briefing on PM Modi s official visit to New Zealand, MEA Secretary (East) Rudrendra Tandon said, It s not appropriate for me, as a civil servant, to question PM Modi s… pic.twitter.com/mMBLxamLEi
— Press Trust of India (@PTI_News) July 11, 2026
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