ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी एक बेहद विवादित बयान के चलते देशभर में आलोचनाओं के घेरे में आ गए हैं। मौलाना ने सार्वजनिक रूप से दावा किया है कि देर से शादी होने की वजह से ही देशभर में रेप की घटनाएं हो रही हैं।
बयान पर तीखी प्रतिक्रिया मौलाना के इस बयान के सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में हलचल मच गई है। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान ने इसे महिलाओं के प्रति संकीर्ण और दकियानूसी सोच करार दिया है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर रही हैं, ऐसे में इस तरह की मानसिकता दुर्भाग्यपूर्ण है।
VHP ने की कार्रवाई की मांग विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के प्रवक्ता विनोद बंसल ने भी मौलाना पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने रशीदी को कट्टरपंथी बताते हुए कहा कि ऐसे बयानों से महिलाओं का अपमान हुआ है। वीएचपी ने यह मांग की है कि मौलाना को महिलाओं से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए और राष्ट्रीय महिला आयोग को उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।
मौलाना की सफाई: मेरे बयान को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है विवाद बढ़ने के बाद मौलाना साजिद रशीदी ने अपनी सफाई पेश की है। उन्होंने तर्क दिया कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है। मौलाना का कहना है कि मौजूदा सामाजिक हालात (जैसे समलैंगिक विवाह और लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर कानून) को देखते हुए उन्होंने लड़कियों की सुरक्षा को लेकर यह बात कही थी।
धर्म और परंपरा का दिया तर्क अपनी सफाई में मौलाना ने असम, बिहार और झारखंड जैसे राज्यों में आज भी प्रचलित बाल विवाह का उदाहरण दिया। उन्होंने दावा किया कि इस्लाम में भी बालिग होने पर शादी कर देने की सलाह दी जाती है। रशीदी ने दो टूक कहा कि अगर माता-पिता रेप जैसी घटनाओं के डर से अपनी बेटियों की जल्दी शादी का विचार करते हैं, तो इसमें गलत क्या है?
क्या है पूरा मामला? विवाद की शुरुआत एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान हुई, जहाँ मौलाना साजिद रशीदी ने महिलाओं की शादी की उम्र पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि अगर बेटियों को सुरक्षित रखना है तो उनकी शादी जल्दी कर दी जानी चाहिए। उनके इस बयान ने एक ऐसी बहस को जन्म दे दिया है, जहां सुरक्षा बनाम महिला अधिकारों का मुद्दा फिर से केंद्र में आ गया है। फिलहाल, इस बयान को लेकर देशभर में विरोध के स्वर तेज होते जा रहे हैं।
#WATCH | Delhi: On his statement about girls marriage, All India Imam Association President, Maulana Sajid Rashidi says, ..The reason I said that was because of the prevailing circumstances—where laws can be introduced allowing a woman to marry another woman or a man to marry… pic.twitter.com/vGcJslh8v1
— ANI (@ANI) July 10, 2026
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