सरकारी नौकरी और पुश्तैनी जायदाद की हवस ने जयपुर में एक ऐसे खौफनाक कांड को जन्म दिया है, जिसने रिश्तों की मर्यादा को तार-तार कर दिया है। 23 साल की आयुषी शर्मा ने अपनी मां की जान सिर्फ इसलिए ले ली क्योंकि वह मां की सरकारी नौकरी और संपत्ति पर अपना हक जमाना चाहती थी। लेकिन सवाल यह है—क्या कानून एक कातिल को उसी नौकरी का हक देगा, जिसके लिए उसने यह खूनी खेल खेला?
3 जुलाई को जयपुर के प्रताप नगर में 45 वर्षीय नीरज शर्मा को एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने कुचल दिया। शुरुआती जांच में इसे हिट-एंड-रन का मामला माना गया। लेकिन सीसीटीवी फुटेज और परिजनों के शक ने इस केस को पूरी तरह बदल दिया। जांच में सामने आया कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि तीन महीने से बुना गया मौत का जाल था।
आरोप है कि आयुषी ने अपने चाचा और चचेरे भाई के साथ मिलकर मां की हत्या की साजिश रची। भरतपुर से भाड़े के हत्यारों को 7 लाख रुपये की सुपारी दी गई। आयुषी इस बात से नाराज थी कि पिता के निधन के बाद मिलने वाली अनुकंपा नियुक्ति और संपत्ति उसकी मां को क्यों मिली। पुलिस ने इस मामले में आयुषी समेत 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, इसका जवाब बिल्कुल नहीं है। भारतीय कानून का एक बुनियादी सिद्धांत है— कोई भी व्यक्ति अपने ही अपराध का लाभ नहीं उठा सकता। हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के सिद्धांतों के तहत, यदि कोई व्यक्ति संपत्ति या लाभ पाने के लिए हत्या करता है, तो वह उन सभी कानूनी अधिकारों से स्वतः ही वंचित हो जाता है।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने कई फैसलों में यह स्पष्ट किया है कि अनुकंपा नियुक्ति (Compassionate Appointment) कोई पैतृक अधिकार या विरासत नहीं है। यह योजना परिवार को अचानक आई आर्थिक तंगी से बचाने के लिए होती है। एक बार जब मां ने उस नौकरी को संभाल लिया, तो वह योजना का उद्देश्य पूरा हो गया था। अब किसी भी स्थिति में वह पद बच्चों को स्वतः हस्तांतरित नहीं हो सकता।
वर्तमान में यह मामला कोर्ट में है। यदि पुलिस के आरोप अदालत में सिद्ध होते हैं, तो आयुषी का नौकरी पर दावा करना कानूनन नामुमकिन होगा। जिस सरकारी नौकरी और दौलत की चाहत ने आयुषी को दरिंदा बना दिया, आज उसी कानून ने उसे हर सुविधा से बेदखल कर दिया है। फिलहाल, इस कातिल बेटी का ठिकाना क्लर्क की कुर्सी नहीं, बल्कि जेल की सलाखें हैं।
*A 23-year-old girl allegedly hired contract killers for Rs 7 lakh to murder her widowed mother and stage the crime as a road accident so she could inherit her property and secure a govt job on compassionate grounds, police said Tuesday.
— Hate Detector 🔍 (@HateDetectors) July 9, 2026
The conspiracy, allegedly hatched over… https://t.co/oQA8E36dZM pic.twitter.com/4JCdQV9cxQ
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