मेलबर्न में मोदी का हाउसफुल डंका: दूध ऑस्ट्रेलिया का, चाय भारत की , जानें इस दौरे की 5 बड़ी बातें
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान मेलबर्न पहुंचे, जहां उन्होंने भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए भारत और ऑस्ट्रेलिया के बढ़ते संबंधों की नई इबारत लिखी। इस भव्य कार्यक्रम में पीएम मोदी ने न केवल भारतीय संस्कृति का लोहा मनवाया, बल्कि दुनिया के सामने भारत की बढ़ती ग्लोबल साख को भी मजबूती के साथ रखा।

दूध ऑस्ट्रेलिया का, चाय भारत की पीएम मोदी ने लगभग 30,000 प्रवासियों को संबोधित करते हुए एक बेहद रोचक बात कही। उन्होंने कहा, घर का दूध भले ही ऑस्ट्रेलियन हो, लेकिन जो चाय उबलती है, वह पूरी तरह से कड़क इंडियन होती है। इस उदाहरण के जरिए उन्होंने समझाया कि भारत में रहने वाले लोग भले ही ऑस्ट्रेलिया में बस गए हों, लेकिन उनका दिल और जड़ें हमेशा भारत से ही जुड़ी रहती हैं।

भारतीय समुदाय के लिए हाउसफुल शो मेलबर्न के इस कार्यक्रम को पीएम मोदी ने हाउसफुल ब्लॉकबस्टर करार दिया। उन्होंने वहां मौजूद भारतीयों से अपने मोबाइल की फ्लैशलाइट ऑन करने को कहा, जिससे पूरा ऑडिटोरियम जगमगा उठा। मोदी ने कहा कि भारतीय प्रवासी किसी भी देश में जाकर वहाँ के समाज में वैसे ही घुल-मिल जाते हैं जैसे दूध में शक्कर, और वे अपनी जड़ों से दूर हुए बिना मेजबान देश की तरक्की में बड़ा योगदान दे रहे हैं।

18 बड़े समझौतों से बढ़ेगी ताकत पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद व्यापार, डिफेंस, क्लीन एनर्जी और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में कुल 18 बड़े समझौते हुए। मोदी ने स्पष्ट किया कि अब ऑस्ट्रेलियाई यूनिवर्सिटीज (जैसे डीकिन और वोलोंगोंग) भारत में भी अपने कैंपस खोल रही हैं, जो दोनों देशों के शैक्षणिक और तकनीकी संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

डिफेंस पावर और ऑपरेशन सिंदूर की धमक पीएम मोदी ने भारत की डिफेंस ताकत का जिक्र करते हुए ऑपरेशन सिंदूर को दुनिया के सामने रखा। उन्होंने बताया कि कैसे भारत के मेक-इन-इंडिया डिफेंस प्लेटफॉर्म्स ने आतंकवाद के खिलाफ मजबूती से अपनी क्रेडिबिलिटी साबित की है। यह संदेश साफ था कि भारत अब अपनी सुरक्षा के लिए आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर मुखर है।

मानवीय मदद में भारत की मिसाल ग्लोबल लीडर के रूप में भारत की भूमिका को रेखांकित करते हुए पीएम ने वेनेजुएला में आए भयंकर भूकंप का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि भारत संकट के समय बिना किसी भेदभाव के दुनिया की मदद करने में हमेशा आगे रहता है। अंत में, उन्होंने दोहराया कि भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच हुआ ट्रेड एग्रीमेंट युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोलेगा और दोनों देशों की दोस्ती को और गहरा करेगा।

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