अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव एक बार फिर वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरे की घंटी बन गया है। कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आने वाली संभावित तेजी से दुनिया भर के देशों की चिंता बढ़ गई है। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों के लिए यह स्थिति महंगाई का नया दौर ला सकती है।
कीमतें बढ़ने के पीछे के मुख्य कारण स्पार्टा कमोडिटीज की सीनियर एनालिस्ट जून गोह के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच तल्खी अपने चरम पर है। पिछले कुछ दिनों में ईरान द्वारा अमेरिकी जहाजों पर हमला और उसके जवाब में अमेरिका की सख्त सैन्य कार्रवाई ने बाजार को डरा दिया है। इसके अलावा, ईरानी तेल निर्यात पर फिर से सख्ती और किसी भी नए समझौते की उम्मीद न होना सीधे तौर पर कच्चे तेल की कीमतों को ऊपर धकेल रहा है।
क्या फिर 110 डॉलर प्रति बैरल तक जाएगा Brent Crude? जानकारों का मानना है कि यदि यह तनाव जारी रहा, तो ब्रेंट क्रूड एक बार फिर 110 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को छू सकता है। हालांकि, कीमतें किस दिशा में जाएंगी, यह पूरी तरह से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत या सैन्य टकराव के बढ़ते स्तर पर निर्भर करेगा।
Strait of Hormuz क्यों बना है बड़ा खतरा? दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल व्यापार के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर निर्भर है। अगर इस समुद्री मार्ग पर सैन्य तनाव बढ़ता है, तो तेल टैंकरों की आवाजाही ठप हो सकती है। यदि शिपिंग कंपनियां सुरक्षा कारणों से इस रास्ते को छोड़ती हैं, तो वैश्विक स्तर पर तेल की कमी पैदा होगी और कीमतों में बेतहाशा उछाल देखने को मिलेगा।
OPEC+ का कदम क्या राहत देगा? OPEC+ ने उत्पादन बढ़ाने के संकेत दिए हैं, लेकिन विशेषज्ञों का दावा है कि यह पर्याप्त नहीं होगा। अगर होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित सप्लाई ही सुनिश्चित नहीं हुई, तो अतिरिक्त उत्पादन का बाजार तक पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में सप्लाई चेन में बाधा कीमतों को कम करने में नाकाम साबित होगी।
भारत पर क्या होगा सीधा असर? भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का ज्यादातर हिस्सा आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने का सीधा असर घरेलू अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा:
आगे क्या होगा? आने वाले दिनों में पूरी दुनिया की नजरें होर्मुज मार्ग पर जहाजों की आवाजाही और अमेरिका-ईरान के बीच कूटनीतिक हलचल पर टिकी होंगी। यदि तनाव जारी रहा, तो कच्चे तेल की कीमतों में यह उछाल लंबे समय तक बना रह सकता है, जो भारत समेत कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए चिंता का बड़ा कारण बना हुआ है।
#WATCH | Singapore: On the impact of the US-Iran escalation on crude prices, Senior Oil Market Analyst at Sparta Commodities, June Goh, says, “Based on the last three days of activities - starting with Iran striking three US vessels, and then the US forcefully coming back with… pic.twitter.com/nZkToMbVsQ
— ANI (@ANI) July 9, 2026
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