दिल्ली में 12 जुलाई को लगेगी स्पेशल लोक अदालत: ट्रैफिक चालान निपटाने का सुनहरा मौका
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दिल्ली: वाहन चालकों के लिए राहत भरी खबर है। दिल्ली स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (DSLSA) 12 जुलाई 2026 को दिल्ली के विभिन्न कोर्ट परिसरों में एक स्पेशल लोक अदालत का आयोजन करने जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य लंबे समय से पेंडिंग पड़े ट्रैफिक चालानों का निपटारा करना है। यह विशेष अदालत सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक कार्य करेगी।

ये चालान ही होंगे मान्य

अधिकारियों के अनुसार, इस अदालत में हर तरह का चालान स्वीकार नहीं किया जाएगा। केवल कंपाउंडेबल (समझौते योग्य) मामलों की सुनवाई होगी। इसमें रेड लाइट जंप करना, गलत पार्किंग, हेलमेट न पहनना या सीट बेल्ट न लगाने जैसे मामले शामिल हैं। शराब पीकर गाड़ी चलाने, दुर्घटना या गंभीर आपराधिक मामलों से जुड़े चालानों के लिए आपको नियमित कोर्ट में ही जाना होगा।

किन अदालतों में होगी सुनवाई?

यह अदालत दिल्ली के प्रमुख जिला अदालत परिसरों में आयोजित होगी, जिनमें तीस हजारी, राउज एवेन्यू, पटियाला हाउस, कड़कड़डूमा, रोहिणी, द्वारका और साकेत कोर्ट शामिल हैं। ध्यान रखें, आपको उसी कोर्ट में जाना होगा जिसका उल्लेख आपकी चालान स्लिप पर है।

जाने से पहले जान लें 5 जरूरी नियम

इस लोक अदालत का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना अनिवार्य है:

  1. समय सीमा: केवल 31 मार्च 2026 तक दिल्ली ट्रैफिक पुलिस या वर्चुअल कोर्ट में फॉरवर्ड किए गए चालान ही निपटाए जाएंगे।
  2. ऑनलाइन टोकन: बिना पहले से लिए गए ऑनलाइन टोकन के प्रवेश नहीं मिलेगा। टोकन दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त करें।
  3. सीमित कोटा: एक दिन में अधिकतम 50,000 टोकन ही जारी किए जाएंगे और पूरी लोक अदालत के लिए 2 लाख चालानों की सीमा तय है।
  4. प्रिंटआउट अनिवार्य: कोर्ट परिसर में प्रिंटिंग की सुविधा नहीं है, इसलिए अपने चालान और अपॉइंटमेंट स्लिप का प्रिंटआउट घर से ही लेकर आएं।
  5. समय का ध्यान: अपनी बारी के लिए समय से पहले पहुंचें ताकि प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।

चालान कम कैसे होता है?

लोक अदालत में निपटारा आपसी सहमति से होता है। यहाँ सामान्य अदालतों जैसी लंबी कानूनी प्रक्रिया नहीं होती। जज के सामने मामला पेश होने पर अक्सर चालान की राशि को 20 से 80 प्रतिशत तक कम कर दिया जाता है या कई बार पूरी तरह माफ भी कर दिया जाता है। भुगतान के तुरंत बाद आपको सेटलमेंट स्लिप मिल जाती है और कुछ दिनों में सिस्टम से आपका चालान हट जाता है।

ई-चालान न भरने से क्या हो सकता है?

लंबे समय तक ई-चालान पेंडिंग रखने पर आपका मामला वर्चुअल कोर्ट में चला जाता है, जिसके बाद समन जारी हो सकते हैं। इतना ही नहीं, फिटनेस सर्टिफिकेट रिन्यूअल या गाड़ी की खरीद-फरोख्त में भी बड़ी दिक्कतें आ सकती हैं। इसलिए, लोक अदालत का यह अवसर पुराने बकायों को खत्म करने का सबसे बेहतर तरीका है।

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