क्या सच में चोरी हो गई 5 करोड़ की सोने वाली रामचरितमानस? ट्रस्ट ने कैमरे के सामने खोल दिया पूरा खजाना
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अयोध्या के राम मंदिर में पिछले कुछ दिनों से करोड़ों रुपये के गहने और बेशकीमती चढ़ावे के गायब होने की खबरों ने हड़कंप मचा रखा था। सोशल मीडिया पर चल रहे इन दावों ने भक्तों की आस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इन सभी अफवाहों का अंत करते हुए मीडिया के सामने सच्चाई रख दी है।

आरोपों की हकीकत: क्या गायब हुई थी सोने की रामायण?

विवाद की शुरुआत पूर्व आईएएस एस. लक्ष्मीनारायणन के एक दावे से हुई थी। उनका आरोप था कि उनके परिवार द्वारा भेंट की गई 5 करोड़ रुपये की सोने की परत वाली रामचरितमानस गायब हो गई है। जब यह चर्चा आम हुई, तो सोने की रामायण से लेकर काकभुशुंडि की प्रतिमा तक कई चीजों के चोरी होने की अफवाहें तेजी से फैल गईं।

ट्रस्ट का ओपन चैलेंज : कैमरे पर सजाया खजाना

इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज ने 6 जुलाई को प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। उन्होंने उन सभी पांच बेशकीमती वस्तुओं को मीडिया के सामने मेज पर सजाकर रख दिया, जिनके गायब होने की अफवाहें थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर में आया हर एक दान सुरक्षित है।

2800 से ज्यादा सामानों का पुख्ता लेखा-जोखा

गोविंद देव गिरि ने जानकारी दी कि रामलला के दरबार में अब तक 2,926 बेशकीमती भेंटें आ चुकी हैं। उन्होंने बाकायदा रिकॉर्ड रूम का रजिस्टर दिखाया, जिसमें 2,800 से अधिक वस्तुओं का विस्तृत ब्योरा दर्ज है। ट्रस्ट ने पारदर्शिता के लिए फिजिकल वेरिफिकेशन की व्यवस्था की है, जिसके तहत हर साल एक प्रतिष्ठित चार्टर्ड अकाउंटेंसी फर्म कीमती सामानों का मिलान करती है।

प्रशासनिक फेरबदल: चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा

विवादों के बीच ट्रस्ट ने एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया। दान प्रबंधन से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। ट्रस्ट ने इसे तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। अब भारतीय वन सेवा (IFS) के रिटायर्ड अधिकारी कृष्ण मोहन को नया कार्यवाहक महासचिव बनाया गया है।

दान का गणित: कहां खर्च हुए 3200 करोड़?

ट्रस्ट ने दान की पूरी पारदर्शिता सार्वजनिक की है। मंदिर को अब तक कुल ₹3,264 करोड़ का दान प्राप्त हुआ है। इसमें से ₹2,370 करोड़ निर्माण कार्यों में खर्च हो चुके हैं। ₹582 करोड़ का नकद चढ़ावा मिला था, जिसमें से मंदिर की व्यवस्थाओं पर ₹391 करोड़ खर्च हुए। बाकी बची राशि पूरी तरह सुरक्षित और बैंक खातों में दर्ज है।

अगली सुनवाई: 22 जुलाई को आएगी SIT की रिपोर्ट

मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी (SIT) अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। ट्रस्ट की अगली अहम बैठक 22 जुलाई को तय की गई है। इस बैठक में एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर चर्चा होगी और भविष्य के लिए नए पदाधिकारियों व स्थाई ट्रस्टियों की नियुक्ति पर बड़ा फैसला लिया जाएगा।

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