पिता के जनाजे से क्यों गायब हैं मोजतबा खामेनेई? इजरायल का खौफ या कोई गहरा राज?
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ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़ के बीच एक चेहरा नदारद रहा, जिसने पूरे विश्व में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है। वह हैं अली खामेनेई के बेटे और ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई। जहाँ मुस्तफा, मैसम और मसूद जैसे भाई अपने पिता को अंतिम विदाई देते हुए भावुक नजर आए, वहीं मोजतबा की अनुपस्थिति कई अनसुलझे सवाल छोड़ गई है।

28 फरवरी का वह हमला और मोजतबा का रहस्य 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमले में अली खामेनेई की मौत हो गई थी, लेकिन उस हमले की गूंज अभी भी ईरान की राजनीति में सुनाई दे रही है। सूत्रों के अनुसार, उसी हमले में मोजतबा भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। तब से लेकर अब तक—यानी पिछले चार महीनों से—मोजतबा जनता के बीच नहीं दिखे हैं।

जिंदा हैं या गंभीर रूप से घायल? मोजतबा की स्थिति को लेकर विरोधाभासी दावे किए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया और अमेरिकी खुफिया सूत्रों का कहना है कि 28 फरवरी के हमले में मोजतबा बुरी तरह जख्मी हुए थे। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उनके चेहरे और शरीर पर गंभीर चोटें आई थीं, शायद उनका एक पैर भी कट गया था। जून में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी संकेत दिए थे कि मोजतबा बहुत गंभीर रूप से घायल हैं।

क्या सुरक्षा बनी है सबसे बड़ी बाधा? ईरानी अधिकारियों का आधिकारिक रुख यह है कि सुरक्षा कारणों से मोजतबा सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आ रहे हैं। इजरायल के लिए वे इस समय नंबर वन टारगेट हैं। जानकारों का मानना है कि यदि मोजतबा सबके सामने आते हैं, तो उन पर हमले का खतरा कई गुना बढ़ जाएगा। साथ ही, उनकी शारीरिक अवस्था भी उन्हें दुनिया के सामने आने से रोक रही है, क्योंकि एक कमजोर नेता की छवि ईरान की मौजूदा स्थिति के लिए घातक हो सकती है।

संदेशों के जरिए शासन दिलचस्प बात यह है कि मोजतबा की अनुपस्थिति के बावजूद सत्ता का संचालन जारी है। 8 मार्च को नया सुप्रीम लीडर चुने जाने के बाद से उन्होंने दर्जनों लिखित संदेश जारी किए हैं, जिन्हें सरकारी टीवी पर पढ़ा जाता है। हाल ही में उन्होंने अमेरिका के साथ युद्धविराम की बात को मंजूरी देकर अपनी सक्रियता दिखाई है, लेकिन ये सभी संदेश लिखित ही रहे हैं, जिससे उनकी मौजूदा शारीरिक या मानसिक स्थिति पर सवाल बरकरार हैं।

भविष्य का अनिश्चित मोड़ ईरान की जनता मोजतबा को देखने के लिए लालायित थी, लेकिन उनका न आना एक बड़े रणनीतिक डर की ओर इशारा करता है। क्या वाकई मोजतबा इतने घायल हैं कि वे सार्वजनिक रूप से चल-फिर भी नहीं सकते? या फिर इजरायल के खौफ और सत्ता के समीकरणों ने उन्हें पूरी तरह भूमिगत होने पर मजबूर कर दिया है? फिलहाल, ईरान का नया सुप्रीम लीडर पर्दे के पीछे है और दुनिया सिर्फ कयास लगाने पर मजबूर है।

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