जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस साल अमरनाथ यात्रा में उमड़ी भक्तों की अप्रत्याशित भीड़ को देखते हुए बड़ा बयान दिया है। श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे नियमों का पालन करें और बिना रजिस्ट्रेशन के यात्रा करने का जोखिम न उठाएं।
क्या बोले उपराज्यपाल? मनोज सिन्हा ने कहा, पिछले कुछ वर्षों की तुलना में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। बहुत से लोग बिना रजिस्ट्रेशन के भी आ रहे हैं। मेरी सभी तीर्थयात्रियों से अपील है कि वे अपनी बारी का इंतजार करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, चंदनबाड़ी और बालटाल से प्रतिदिन भेजे जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या सीमित है और इसे बढ़ाया नहीं जा सकता।
बेहतर इंतजामों का दावा एलजी ने नुनवान बेस कैंप में अधिकारियों के साथ सुरक्षा और सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि नुनवान में 100 बिस्तरों वाला अस्पताल चौबीसों घंटे काम कर रहा है, जहां रोजाना करीब 2,500 मरीजों का इलाज किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन और श्राइन बोर्ड के कर्मचारियों की तारीफ करते हुए कहा कि वे भक्तों की सेवा में पूरी शिद्दत से जुटे हैं।
होल्डिंग एरिया और व्यवस्था पर दबाव अधिकारियों ने जानकारी दी है कि जो श्रद्धालु बिना रजिस्ट्रेशन या अपनी तय तारीख से पहले पहुंच रहे हैं, उनसे बेस कैंप और रूट मैनेजमेंट सिस्टम पर अत्यधिक दबाव बढ़ रहा है। प्रशासन का कहना है कि 1996 की आपदा के बाद से अपनाई गई नीति के तहत यात्रियों की संख्या नियंत्रित करना सुरक्षा की दृष्टि से अनिवार्य है।
श्रद्धालुओं के लिए सख्त निर्देश प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तीर्थयात्री केवल अपने रजिस्ट्रेशन परमिट पर अंकित तारीख को ही यात्रा करें। तय तारीख से पहले आने वाले श्रद्धालुओं के कारण बेस कैंप में भीड़ बढ़ रही है, जिससे अव्यवस्था की स्थिति पैदा होती है। 3 जुलाई से शुरू हुई यह 57 दिवसीय यात्रा अब तक शांतिपूर्ण चल रही है और करीब 40 हजार श्रद्धालु पवित्र गुफा के दर्शन कर चुके हैं।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि सुरक्षा और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए नियमों का पालन करना हर भक्त की जिम्मेदारी है। बिना वैध परमिट और तय शेड्यूल के यात्रा करने से बचें ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
*Today, I visited the Nunwan Base Camp in Pahalgam to review the management of Shri Amarnath Ji Yatra with senior officials. The discussions focused on key aspects including movement of pilgrims, security measures, accommodation facilities, registration progress, and other… pic.twitter.com/x1pEqUJuO8
— Manoj Sinha (@manojsinha_) July 5, 2026
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