कश्मीर में उजड़ा घर, दिल्ली में उजड़ी दुनिया: इकलौते बेटे की मौत के बाद न्याय के लिए बिलख रहे माता-पिता
News Image

नई दिल्ली: दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में 25 जून को हुए एक हिट-एंड-रन हादसे ने एक परिवार को जीवन भर का दर्द दे दिया है। 34 वर्षीय सार्थक मट्टू की दर्दनाक मौत के बाद, उनके माता-पिता पुलिस की लचर जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

सड़क पर तड़पता रहा इकलौता बेटा सार्थक मट्टू 25 जून की सुबह अपनी बाइक से गुरुग्राम से नोएडा जा रहे थे। तभी एक तेज रफ्तार महिंद्रा थार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। एसयूवी सवार गाड़ी रोकने या सार्थक को अस्पताल ले जाने के बजाय मौके से फरार हो गए। सार्थक के सहकर्मी आकाश दीप चौधरी ने बताया कि राहगीर के फोन के जरिए उन्हें सूचना मिली, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही सार्थक ने दम तोड़ दिया।

पुलिस की कार्यशैली पर खड़े किए सवाल सोशल मीडिया पर जारी एक भावुक वीडियो में सार्थक के पिता सुरेंद्र मट्टू ने आरोप लगाया कि पुलिस मामले में ढिलाई बरत रही है। परिवार का दावा है कि आरोपियों के ब्लड सैंपल घटना के 50 घंटे बाद लिए गए, जिससे नशे की स्थिति का पता लगाने की प्रक्रिया प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा, मेरा बेटा सड़क पर मरने के लिए छोड़ दिया गया, जबकि आरोपी आज भी खुलेआम घूम रहे हैं।

एक और त्रासदी का दंश सार्थक के पिता ने बताया कि उनका परिवार कश्मीरी पंडित है, जो अतीत में विस्थापन का दर्द झेल चुका है। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता ने भी घर जलने के दुख में दम तोड़ दिया था। अब इकलौती संतान को खोने के बाद यह दंपत्ति पूरी तरह टूट चुका है। उन्होंने कहा, हमारा सब कुछ पहले ही छिन चुका था, अब हमारे पास जीने का कोई सहारा नहीं बचा।

मामले की वर्तमान स्थिति दिल्ली पुलिस के अनुसार, हादसे में शामिल थार कर्नाटक में पंजीकृत है और एक निजी कंपनी की है। पुलिस ने 27 जून को अपूर्व सिंह को गिरफ्तार किया था, जो गाड़ी चला रहा था, लेकिन उसे जल्द ही जमानत मिल गई। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) के तहत लापरवाही से मौत का केस दर्ज किया गया है।

न्याय की गुहार पीड़ित परिवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। परिवार का कहना है कि वे केवल इंसाफ चाहते हैं ताकि उनके बेटे को सड़क पर मरने के लिए छोड़ देने वालों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।

*

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

वे शरणार्थी नहीं, संघर्ष के योद्धा थे : बंटवारे के दर्द पर मोहन भागवत का बड़ा बयान

Story 1

अमरनाथ यात्रा 2026: बम-बम भोले के जयघोष के साथ कश्मीर के लिए रवाना हुआ पहला जत्था

Story 1

FIFA वर्ल्ड कप 2026: किलियन म्बाप्पे के चेहरे पर निशानों का सच, क्या सच में है वूडू ?

Story 1

ENG vs IND: दूसरे टी20 का महामुकाबला कब और कहां देखें? जानें लाइव स्ट्रीमिंग की पूरी जानकारी

Story 1

मक्का बाजार में बरकरार तेजी: पूर्णिया मंडी में बढ़ी रौनक, जानिए आज का ताजा भाव

Story 1

नो पार्किंग और अवैध पार्किंग में क्या है अंतर? यूपी पुलिस ने खोली चालकों की आंखें

Story 1

24 करोड़ का पुल तैयार, फिर भी नाव ही सड़क : किशनगंज में हजारों जान जोखिम में

Story 1

दिल्ली के मंडी हाउस में राहुल गांधी के कान पकड़ते पोस्टर, भाजपा ने साधा निशाना

Story 1

दिल्ली में बरसेंगे मेघा: 7 जुलाई तक रेड अलर्ट , जानें मानसून का पूरा अपडेट

Story 1

पाकिस्तान में 125 साल पुराने गुरुद्वारे पर चला बुलडोजर, भारत ने शहबाज सरकार को लताड़ा