भारत-जापान शिखर वार्ता: सेमीकंडक्टर और पूर्वोत्तर की कनेक्टिविटी पर टिकी दुनिया की नजरें
News Image

जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची तीन दिवसीय भारत दौरे पर हैं। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पीएम ताकाइची के बीच दिल्ली में द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन शुरू हो रहा है। यह मुलाकात न केवल भारत और जापान के रिश्तों को नई ऊंचाई देगी, बल्कि एशिया-पैसिफिक की भू-राजनीति (Geopolitics) को भी नई दिशा देने वाली है।

सेमीकंडक्टर और आर्थिक सुरक्षा पर फोकस इस वार्ता का सबसे अहम एजेंडा आर्थिक सुरक्षा है। वैश्विक अनिश्चितताओं के दौर में दोनों देश चीन पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। पीएम मोदी और ताकाइची के बीच भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण को लेकर जापानी तकनीक और भारी निवेश पर विस्तृत रोडमैप तैयार होने की उम्मीद है। साथ ही, भविष्य की तकनीक के लिए जरूरी क्रिटिकल मिनरल्स की सुरक्षित सप्लाई चेन बनाने पर भी चर्चा होगी।

क्वाड और हिंद-प्रशांत की सुरक्षा भू-राजनीतिक मोर्चे पर, दोनों नेता हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती आक्रामकता को देखते हुए अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेंगे। इस बैठक में क्वाड (QUAD) गठबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने पर सहमति बनेगी। समुद्री सुरक्षा को चाक-चौबंद करने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र को स्वतंत्र और खुला बनाए रखने के लिए दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच सहयोग बढ़ाने पर विशेष चर्चा होगी।

पूर्वोत्तर भारत: मोदी की एक्ट ईस्ट और जापान की इंडो-पैसिफिक नीति पूर्वोत्तर भारत अब भारत-जापान संबंधों का केंद्र बिंदु बन गया है। जनवरी 2026 में हुई रणनीतिक वार्ता को आगे बढ़ाते हुए, इस शिखर सम्मेलन में इंडिया-जापान एक्ट ईस्ट फोरम को और सक्रिय बनाने के निर्णय लिए जाएंगे। जापान पूर्वोत्तर में सड़क, स्वास्थ्य, बिजली और जलापूर्ति जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में भारी निवेश कर रहा है। धुबरी-फुलबाड़ी पुल जैसी कनेक्टिविटी परियोजनाएं इसका बड़ा उदाहरण हैं।

युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पिछले 18 महीनों में पूर्वोत्तर के राज्यों (मेघालय, असम, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश) के साथ जापान के संबंध तेजी से बढ़े हैं। कौशल विकास और रोजगार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। मेघालय ने 5,000 और असम ने 20,000 युवाओं को जापान में रोजगार के लिए प्रशिक्षित करने का समझौता किया है। वहीं, आईआईटी गुवाहाटी के साथ तकनीकी शोध और जापानी भाषा के प्रशिक्षण से दोनों देशों के बीच मानवीय संबंधों को और मजबूती मिल रही है।

निष्कर्ष यह शिखर सम्मेलन केवल कूटनीतिक मुलाकात नहीं, बल्कि एक भविष्यवादी साझेदारी है। जहां एक ओर जापान पूर्वोत्तर को भारत की एक्ट ईस्ट नीति का प्रमुख आधार मान रहा है, वहीं भारत अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ाने के लिए जापान की अत्याधुनिक तकनीक पर भरोसा कर रहा है। दोनों देशों का यह साथ वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एक बड़े बदलाव का संकेत है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

1454 फीट की ऊंचाई पर रोमांटिक प्रपोजल, एम्पायर स्टेट बिल्डिंग पर स्टंट करना कपल को पड़ा भारी

Story 1

हैरी केन का करिश्मा: पेले का रिकॉर्ड ध्वस्त कर इंग्लैंड को पहुंचाया प्री-क्वार्टर फाइनल में

Story 1

रणबीर कपूर की रामायण का वीडियो लीक? वायरल क्लिप में राम का रौद्र रूप देख फैंस हुए हैरान

Story 1

रवि शास्त्री की दो टूक: टीम इंडिया में देरी क्यों? 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग-11 में शामिल करो

Story 1

मणिपुर फिर दहला: म्यांमार सीमा पर नागा-कुकी समूहों में खूनी संघर्ष, 20 से ज्यादा घर जलकर राख

Story 1

फीफा वर्ल्ड कप 2026 ने रचा इतिहास, 50 लाख दर्शकों का आंकड़ा पार कर कायम किया नया कीर्तिमान

Story 1

BSNL का धमाकेदार धमाका: 1,999 रुपये में 330 दिनों की वैलिडिटी और अनलिमिटेड डेटा

Story 1

फीफा वर्ल्ड कप: हैरी केन का चमत्कार, इंग्लैंड ने डीआर कांगो के खिलाफ टाला बड़ा उलटफेर

Story 1

संजू सैमसन का फ्लॉप शो : खराब फॉर्म और बढ़ते दबाव के बीच क्या खत्म हो रहा है करियर?

Story 1

चलती ट्रेन, 11 सेकंड का स्टंट और मौत से टक्कर: रील के दीवानों को यमराज का न्योता!