कल्पना कीजिए कि आप कुछ सोचें और वह बिना एक भी शब्द बोले या टाइप किए सीधे स्क्रीन पर शब्दों में उतर आए। यह सुनने में किसी हॉलीवुड फिल्म जैसा लग सकता है, लेकिन मेटा ने इसे हकीकत में बदलने की दिशा में एक बड़ी छलांग लगाई है। कंपनी ने एक ऐसा सिस्टम तैयार किया है जो आपके मन की बात को पढ़कर उसे टेक्स्ट में बदल सकता है।
एलन मस्क की कंपनी न्यूरालिंक जहां दिमाग में चिप लगाने और सर्जरी करने पर जोर दे रही है, वहीं मेटा ने इसका एक सुरक्षित विकल्प निकाला है। मेटा का नया सिस्टम Brain2Qwerty v2 पूरी तरह से नॉन-इनवेसिव यानी बिना सर्जरी वाला है। इसके लिए आपको बस एक खास हेलमेट पहनना होगा, जो देखने में किसी बड़े हेयरड्रायर जैसा लगता है।
यह हेलमेट MEG (मैग्नेटोएन्सेफलोग्राफी) तकनीक पर आधारित है। यह तकनीक दिमाग की न्यूरल एक्टिविटी से निकलने वाले बेहद सूक्ष्म चुंबकीय क्षेत्रों (magnetic fields) को पकड़ लेती है। जहाँ सर्जरी वाले तरीके जोखिम भरे और महंगे होते हैं, वहीं मेटा का यह हेलमेट एक सुरक्षित और आसान विकल्प प्रदान करता है।
मेटा ने इस सिस्टम को ट्रेन करने के लिए 9 वॉलेंटियर्स के साथ 10 घंटे तक परीक्षण किया और करीब 22,000 वाक्यों का डेटा जुटाया। मेटा के इस नए वर्जन ने 61% से लेकर 78% तक की शानदार सटीकता हासिल की है। यह सिस्टम दिमाग के कच्चे सिग्नलों (raw signals) को सीधे एनालाइज करता है।
सिग्नल की रुकावटों और गलतियों को ठीक करने के लिए मेटा ने इसमें लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स का इस्तेमाल किया है। यह स्मार्टफोन के ऑटोकॉरेक्ट फीचर की तरह काम करता है, जो व्याकरण और संदर्भ के हिसाब से सही शब्दों का चुनाव कर लेता है।
यह तकनीक उन लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जो पैरालिसिस, ब्रेन इंजरी या अन्य गंभीर बीमारियों के कारण बोल या लिख पाने में असमर्थ हैं। इस सिस्टम की मदद से वे अपनी बात दुनिया तक आसानी से पहुंचा सकेंगे। मेटा इस क्षेत्र के शोध को बढ़ावा देने के लिए 41 करोड़ रुपये का फंड भी दे रहा है, ताकि न्यूरोसाइंस के क्षेत्र में और भी क्रांतिकारी बदलाव लाए जा सकें।
⚛ विज्ञान और प्रौद्योगिकी
We’re sharing the next major milestone in our non-invasive brain-to-text decoder research: Brain2Qwerty v2.
— AI at Meta (@AIatMeta) June 29, 2026
Building on v1, which was published today in @Nature, Brain2Qwerty v2 is the highest-performing end-to-end pipeline capable of real-time sentence decoding from raw brain… pic.twitter.com/qJ8qrrgTaF
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