नई दिल्ली: 25 जून, 1975 की रात भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का वह पन्ना है, जिसे भुलाया नहीं जा सकता। इसी दिन देश पर आपातकाल थोपा गया था। इस ऐतिहासिक घटना की 51वीं वर्षगांठ पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे संविधान हत्या दिवस करार देते हुए कांग्रेस की तत्कालीन सरकार पर तीखा हमला बोला है।
लोकतंत्र की हत्या का काला अध्याय सीएम रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का यह कदम देश की तानाशाही मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने इसे लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों पर हुआ सबसे बड़ा प्रहार बताया। उनके अनुसार, उस दौर में नागरिक स्वतंत्रता का दमन किया गया और अभिव्यक्ति की आजादी का गला घोंटा गया।
सत्ता के आगे लोकतंत्र की बलि केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी इस अवसर पर उन लोकतंत्र योद्धाओं को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने उस कठिन दौर में दमन का सामना किया। खट्टर ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के लिए हमेशा से सत्ता सर्वोपरि रही है, जिसके लिए उन्होंने लोकतांत्रिक सिद्धांतों को ताक पर रख दिया था।
कैसे हुई थी शुरुआत? आपातकाल की पटकथा 12 जून, 1975 को लिखी गई थी, जब इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के चुनाव को रद्द कर दिया था। उन पर सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप था। अपनी कुर्सी बचाने के लिए, 25 जून 1975 को तत्कालीन राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद के माध्यम से आंतरिक अशांति का हवाला देकर अनुच्छेद 352 के तहत आपातकाल लागू कर दिया गया।
प्रेस पर पहरा और मीसा का आतंक आपातकाल के दौरान देश में नागरिक अधिकारों को पूरी तरह कुचल दिया गया था। अनुच्छेद 358 और 359 के तहत मौलिक अधिकारों को निलंबित कर दिया गया, जिससे नागरिक अदालतों का दरवाजा तक नहीं खटखटा सकते थे।
एक सबक: संविधान हत्या दिवस भारत सरकार ने अब आधिकारिक तौर पर 25 जून को संविधान हत्या दिवस के रूप में नामित किया है। इसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को उस दौर की भयावहता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति राष्ट्र की प्रतिबद्धता की याद दिलाना है, ताकि देश में फिर कभी तानाशाही का वह काला अध्याय न दोहराया जाए।
*25 जून 1975 की वह रात भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय है, जिसे देश आज संविधान हत्या दिवस के रूप में स्मरण कर रहा है। आपातकाल भारत के लोकतंत्र और संविधान पर हुआ सबसे बड़ा आघात था। तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के इस… pic.twitter.com/s3RfVQegf5
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) June 25, 2026
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