अमरावती में 3 घंटे की मूसलाधार बारिश: इर्विन अस्पताल के सीटी स्कैन रूम में घुसा पानी, प्रशासन के दावों की खुली पोल
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अमरावती: बुधवार दोपहर के बाद अमरावती में हुई तीन घंटे की मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। शहर की जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह फेल साबित हुई, जिससे रिहायशी इलाकों से लेकर सरकारी अस्पतालों तक पानी ही पानी नजर आया।

अस्पताल बना तालाब, मशीनों को खतरा सबसे भयावह स्थिति शहर के सरकारी इर्विन अस्पताल में रही। अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार, वार्डों और पुलिस चौकी परिसर में घुटनों तक पानी भर गया। सीटी स्कैन और एक्स-रे विभाग में पानी घुसने से महंगी मशीनरी के खराब होने की आशंका है, जिससे मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

शहर की सड़कों पर नदियां राजकमल चौक, शाम चौक, इर्विन परिसर, तटबंदी क्षेत्र और गोपाल नगर में भारी जलभराव के चलते सड़कें तालाब बन गईं। राजापेठ अंडरपास पूरी तरह जलमग्न होने से यातायात घंटों बाधित रहा और कई वाहन बीच रास्ते में ही बंद हो गए। वहीं, सब्जी मंडी और व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स के बेसमेंट में पानी भरने से व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

किसानों के लिए संजीवनी , बुवाई को मिली रफ्तार शहरवासियों के लिए मुसीबत बनी यह बारिश किसानों के चेहरे पर मुस्कान लेकर आई है। जिला कृषि अधीक्षक राहुल सातपुते के अनुसार, यह बारिश कपास और सोयाबीन की बुवाई के लिए बेहद अनुकूल है। अगले 1-2 दिनों में किसान खेतों में बुवाई शुरू कर सकते हैं, जिसे कृषि क्षेत्र के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

धारणी में आठ घंटे अंधेरा, पेड़ गिरने से जाम मेलघाट के धारणी क्षेत्र में बारिश और आंधी का खासा असर दिखा। तेज हवाओं के कारण कई जगहों पर पेड़ गिर गए, जिससे धारणी-परतवाड़ा मार्ग करीब आठ घंटे तक बंद रहा। साथ ही, बिजली के तार टूट जाने से शहर और आसपास के गांवों में रात के 2 बजे तक विद्युत आपूर्ति ठप रही।

अगले 4 दिनों के लिए अलर्ट जारी मौसम विभाग ने विदर्भ क्षेत्र के लिए चेतावनी जारी की है। अमरावती सहित पूरे जिले में अगले 4 दिनों तक गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

सवालिया निशान: मनपा की तैयारी पर फूटा गुस्सा भारी बारिश ने नगर निगम के मानसून-पूर्व तैयारियों के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। नालों की सफाई और जल निकासी को लेकर किए गए खर्च और दावों पर अब शहरवासी सवाल उठा रहे हैं। फिलहाल, प्रशासन किसी भी बड़ी जनहानि से बचने में सफल रहा है, लेकिन बुनियादी ढांचे की बदहाली ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।

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