भारतीय स्कूली शिक्षा में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अब नौवीं कक्षा के छात्र भी भारतीय लोकतंत्र के सबसे विवादास्पद अध्याय— आपातकाल (Emergency)—के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे। अब तक यह विषय केवल 11वीं और 12वीं कक्षा के राजनीति विज्ञान के पाठ्यक्रम का हिस्सा था।
NCERT ने अपनी नई सामाजिक विज्ञान की किताब अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियांड के लोकतंत्र के सामने चुनौतियां अध्याय में आपातकाल को प्रमुख स्थान दिया है। किताब के पेज नंबर 155 पर विस्तार से बताया गया है कि 25 जून 1975 की रात तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा घोषित यह आपातकाल किस तरह 21 महीने तक चला। इसमें जयप्रकाश नारायण के आंदोलन और आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकारों के निलंबन जैसे गंभीर विषयों को शामिल किया गया है।
नई पाठ्यपुस्तक में केवल आपातकाल ही नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में मीडिया की भूमिका पर भी विशेष जोर दिया गया है। छात्रों को यह समझाने का प्रयास किया गया है कि विपरीत परिस्थितियों में भी मीडिया और लोकतंत्र का तालमेल कितना महत्वपूर्ण होता है।
यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा के अनुरूप किए गए हैं। नई किताब में यूरोप-केंद्रित इतिहास (जैसे नाजीवाद, रूसी क्रांति, फ्रांसीसी क्रांति) को सीमित किया गया है। इसके बजाय, अब छात्र हड़प्पा, मेसोपोटामिया, मिस्र और सुमेरियन जैसी प्राचीन सभ्यताओं के साथ-साथ भारतीय सांस्कृतिक विरासत और इतिहास के बारे में अधिक पढ़ेंगे।
NCERT ने किताबी ज्ञान के अलावा व्यवहारिक समझ पर भी ध्यान दिया है। नई किताब में लैंडस्लाइड (भूस्खलन) नाम से एक अध्याय जोड़ा गया है। इसमें छात्रों को आपदा प्रबंधन की बुनियादी जानकारी दी गई है, ताकि वे अपने आसपास संभावित आपातकालीन स्थितियों से खुद को सुरक्षित रखने के उपाय सीख सकें।
NCERT के इस कदम पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्ष ने इसे इतिहास को अपने नजरिए से पेश करने की कोशिश बताया है। सुप्रिया सुले, सचिन पायलट और जयवर्धन सिंह जैसे कांग्रेसी व विपक्षी नेताओं ने शिक्षण में राजनीति को लाने पर चिंता जाहिर की है। उनका आरोप है कि सरकार जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने और जनता के बीच भ्रम पैदा करने के लिए शिक्षा का इस्तेमाल कर रही है।
वहीं, शिक्षाविदों का एक वर्ग इसे छात्रों को देश के कड़वे सच से रूबरू कराने की दिशा में एक जरूरी कदम मान रहा है। अब देखना यह होगा कि कक्षा में इसे पढ़ाने के दौरान शिक्षकों और छात्रों की इस पर क्या प्रतिक्रिया होती है।
NCERT introduces section on Emergency in Class IX textbook for first time, flags it as Challenge to Democracy
— ANI Digital (@ani_digital) June 25, 2026
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