अफगानिस्तान से आखिरी विदाई देने वाले जनरल डोनाह्यू का बड़ा फैसला, पेंटागन में मची खलबली
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अफगानिस्तान में दो दशक लंबे युद्ध के बाद काबुल एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाले आखिरी अमेरिकी सैनिक, जनरल क्रिस डोनाह्यू ने एक बड़ा कदम उठाया है। वह यूरोप और अफ्रीका में अमेरिकी सेना की कमान छोड़ने जा रहे हैं।

अमेरिकी सेना ने आधिकारिक पुष्टि की है कि जनरल डोनाह्यू 2 जुलाई 2026 को अपने पद से हट जाएंगे। उनके बाद अब इस जिम्मेदारी को उनके डिप्टी संभालेंगे।

कौन हैं जनरल डोनाह्यू?

1992 में अमेरिकी सेना में करियर शुरू करने वाले डोनाह्यू की पहचान अगस्त 2021 में बनी थी। अफगानिस्तान से अमेरिकी वापसी के दौरान उनकी नाइट-विजन गॉगल वाली तस्वीर पूरी दुनिया में चर्चा का केंद्र बनी थी। वे काबुल से निकलने वाले अंतिम अमेरिकी सैनिक थे।

इसके बाद उन्होंने 82वीं एयरबोर्न डिवीजन और XVIII एयरबोर्न कॉर्प्स जैसी महत्वपूर्ण इकाइयों का नेतृत्व किया। दिसंबर 2024 में उन्हें यूरोप और अफ्रीका में अमेरिकी सेना का प्रमुख नियुक्त किया गया था।

क्यों छोड़ रहे हैं पद?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जनरल डोनाह्यू का यह फैसला स्वेच्छिक नहीं बल्कि रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की नई नीति का परिणाम है। खबरों के मुताबिक, रक्षा मंत्री डोनाह्यू के चार-स्टार कमांड को घटाकर तीन-स्टार करने की योजना बना रहे थे।

रक्षा मंत्री हेगसेथ का तर्क है कि सेना के ऊपरी स्तर पर जरूरत से ज्यादा जनरल हैं, जिससे अनावश्यक खर्च बढ़ रहा है और फैसले लेने में देरी होती है। वे जनरल्स की जगह ज्यादा जवान (GIs) की नीति पर काम कर रहे हैं।

भविष्य की राह पर लगा ब्रेक

जनरल डोनाह्यू को भविष्य में अमेरिकी सेना प्रमुख या जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन के पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। हालांकि, पद का दर्जा कम होने से उनके करियर की दिशा प्रभावित हुई है, जिसके चलते उन्होंने हटने का विकल्प चुना।

ट्रंप के पेंटागन क्लीनअप का हिस्सा

डोनाह्यू का इस्तीफा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा मंत्री हेगसेथ द्वारा शुरू किए गए बड़े सैन्य फेरबदल की कड़ी है। ट्रंप प्रशासन के सत्ता में आने के बाद से ही पेंटागन में शीर्ष स्तर पर भारी बदलाव किए गए हैं।

अब तक जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के पूर्व चेयरमैन जनरल चार्ल्स सीक्यू ब्राउन, नौसेना और कोस्ट गार्ड प्रमुख, NSA प्रमुख और NATO में तैनात वरिष्ठ अधिकारियों समेत कई उच्च पदस्थ सैन्य अधिकारियों को या तो बदला गया है या उन्होंने अपना पद छोड़ दिया है। यह फेरबदल अमेरिकी सैन्य इतिहास के एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

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