लखनऊ अग्निकांड: अखिलेश यादव की सरकार से मांग, मृतकों को 1 करोड़ और घायलों को मिले पूरा वेतन
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लखनऊ के अलीगंज इलाके में हुई भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस दुखद हादसे में 15 लोगों की जान चली गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को केजीएमयू पहुंचकर घायलों का हाल जाना और सरकार के सामने मुआवजे की बड़ी मांग रखी है।

सुरक्षा नियमों की अनदेखी बनी जानलेवा अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह हादसा बेहद दुखद है और यह पूरी तरह से टाला जा सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि बिल्डिंग में अग्निशमन सुरक्षा मानकों (Fire Safety Norms) का पालन किया गया होता, तो आज 15 लोगों की जान नहीं जाती।

घायलों के लिए वेतन और इलाज की मांग अस्पताल में एक ऐसे घायल युवक से मिलने के बाद अखिलेश भावुक दिखे, जिसने जान बचाने के लिए इमारत से छलांग लगा दी थी। युवक की रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई है और वह अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला है। सपा प्रमुख ने मांग की है कि जब तक यह युवक पूरी तरह स्वस्थ होकर दोबारा काम पर नहीं लौट जाता, तब तक सरकार उसका वेतन जारी रखे और इलाज का पूरा खर्च उठाए।

मृतकों के परिवारों को मिले एक करोड़ का मुआवजा अखिलेश यादव ने सरकार से स्पष्ट मांग की है कि इस अग्निकांड में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को कम से कम एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रभावित परिवारों को इस कठिन समय में सरकार की तरफ से हरसंभव मदद मिलनी चाहिए।

क्या हुआ था उस दिन? सोमवार दोपहर करीब 2:15 बजे अलीगंज सेक्टर-डी स्थित तीन मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई थी। इमारत में बेसमेंट और भूतल पर पेट शॉप और क्लीनिक चल रहा था। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को आग का कारण माना जा रहा है। जान बचाने के लिए खिड़कियां तोड़कर कूदे 9 लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज चल रहा है।

प्रशासनिक कार्रवाई और एसआईटी का गठन घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने घटनास्थल का दौरा किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने इमारत के मालिक समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही, जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया गया है, जो सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। लापरवाही बरतने के आरोप में चार अधिकारियों को निलंबित भी कर दिया गया है।

एलडीए का सख्त रुख इमारत के रिहायशी नक्शे पर व्यावसायिक इस्तेमाल किए जाने का खुलासा होने के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने सख्त रुख अपनाया है। प्राधिकरण ने इमारत को ढहाने का नोटिस चस्पा कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताया है और प्रभावितों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।

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