बोतल बाबा का काला सच: फूंक से बीमारी और मुर्दे जिंदा करने का दावा करने वाला ढोंगी अब जेल की सलाखों के पीछे
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कानपुर देहात का बोतल बाबा हरिओम यादव, जो खुद को ‘हरिधाम सरकार’ कहता था, आज गंभीर आपराधिक आरोपों के चलते सलाखों के पीछे है। कैंसर ठीक करने, निःसंतान महिलाओं को पुत्र प्राप्ति का आशीर्वाद देने और मुर्दों को जिंदा करने का दावा करने वाले इस बाबा का पाखंड एक महिला के साथ हुई दरिंदगी की कोशिश के बाद बेनकाब हो गया है।

चमत्कार की दुकान: पानी की बोतल से अमृत का व्यापार

हरिओम यादव का आश्रम 8 बीघे में फैला था, जहाँ हर गुरुवार और रविवार को हजारों श्रद्धालु जुटते थे। बाबा का धंधा बेहद शातिर था—बिना 20 रुपये की फूंक मारी हुई बोतल खरीदे किसी का काम नहीं चलता था। वह दावा करता था कि पानी की बोतल में फूंक मारने मात्र से कैंसर और किडनी फेलियर जैसी बीमारियां ठीक हो जाएंगी। इतना ही नहीं, सेब में फूंक मारकर पुत्र प्राप्ति का वादा करना उसके दरबार का मुख्य आकर्षण था।

आत्मा का खेल और सनसनीखेज दावे

बाबा के पाखंड की हदें तब पार हो गईं जब उसने मृत व्यक्तियों को जिंदा करने का नाटक शुरू किया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए उसके वीडियो में वह हवा में हाथ घुमाकर आत्मा पकड़ने और उसे मृत शरीर में वापस डालने का दावा करता दिखता है। अंधविश्वास में डूबे लोग उसके इन दावों पर तालियां बजाते थे, जबकि विज्ञान के नजरिए से यह महज एक घटिया जादूगरी थी।

काली छाया का डर दिखाकर महिला से दुष्कर्म की कोशिश

मामला तब खुला जब औरैया की एक महिला ने बाबा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। महिला का आरोप है कि बाबा ने उसे काला साया उतारने के बहाने आश्रम बुलाया, 40 हजार रुपये ऐंठे और फिर एक बंद कमरे में उसके साथ अश्लील हरकतें की। विरोध करने पर महिला को न केवल पीटा गया, बल्कि गला दबाकर जान से मारने की धमकी भी दी गई। यही नहीं, बाबा ने समागम स्थल पर भीड़ के सामने महिला को कोड़े भी मारे ताकि उसका विरोध दब जाए।

पुलिस की कार्रवाई और बाबा का षड्यंत्र राग

पुलिस ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए हरिओम यादव और उसके भतीजे दीपक को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद बाबा ने अपना पुराना ढर्रा अपनाते हुए आरोपों से इनकार किया है और इसे किसी नेता द्वारा रचा गया षड्यंत्र बताया है। फिलहाल, आश्रम में सन्नाटा है और पुलिस फरार अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

आस्था बनाम अंधविश्वास: एक सबक

कानपुर के इस बोतल बाबा की गिरफ्तारी ने समाज के सामने फिर से गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चमत्कार के नाम पर लोगों को असली मेडिकल इलाज से दूर करना न केवल अपराध है, बल्कि एक सामाजिक खतरा भी है। यह घटना साबित करती है कि तर्क और विज्ञान से दूरी, आम आदमी को किस हद तक ठगों और दरिंदों के चंगुल में फंसा सकती है। अब अदालत तय करेगी कि बाबा के ये चमत्कार उसे सजा से बचा पाएंगे या नहीं।

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