ज्यूरिख में अहम बातचीत का आगाज़ अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने और तकनीकी समझौतों को लागू करने के लिए बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ के नेतृत्व में एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख पहुंच चुका है। इस दौरे का मुख्य लक्ष्य पूर्व में हुए समझौतों (MoU) के क्रियान्वयन की समीक्षा करना है।
गालिबाफ ने याद किए मिनाब के जख्म वार्ता शुरू होने से ऐन पहले गालिबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक भावनात्मक पोस्ट लिखकर सबको चौंका दिया। उन्होंने मिनाब स्कूल हमले के मासूम पीड़ितों को याद करते हुए कहा कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल का हर कदम इन शहीदों की यादों से प्रेरित होगा। गालिबाफ ने स्पष्ट किया कि बातचीत की मेज पर वे देश के सम्मान और न्याय को सर्वोपरि रखेंगे।
शहीद देख रहे हैं हमें अपने संदेश में गालिबाफ ने लिखा कि वे मिनाब के बच्चों और ईरान के अन्य शहीदों को अपना मार्गदर्शक मानते हैं। उन्होंने कहा, वे हमें देख रहे हैं और हमसे उम्मीदें रखते हैं। मैं प्रार्थना करता हूं कि हम राष्ट्र और शहीदों की उम्मीदों पर खरे उतरें। उन्होंने #Minab168 हैशटैग के साथ इस घटना को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
कौन-कौन है टीम में शामिल? ईरानी मीडिया के अनुसार, इस डेलिगेशन में विदेश मंत्री होसैन अमीर-अब्दुल्लाहियन के अलावा केंद्रीय बैंक के गवर्नर, तेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता शामिल हैं। यह टीम पूरी तरह से एक तकनीकी एजेंडे के साथ उतरी है, ताकि समझौते के हर बिंदु को बारीकी से लागू किया जा सके।
ईरान की कड़ी निगरानी ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने स्पष्ट किया है कि यह बातचीत कोई नई संधि नहीं, बल्कि पुराने समझौतों के अनुपालन की समीक्षा है। उन्होंने कहा कि अतीत के कड़वे अनुभवों को देखते हुए, ईरान इस बार किसी भी समझौते के क्रियान्वयन पर बेहद सख्त नजर रखेगा।
क्या है उम्मीद? स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्रालय ने भी इस दौरे का स्वागत किया है। हालांकि, अमेरिका के साथ लंबे समय से चली आ रही तनातनी के बीच, गालिबाफ का यह बयान संकेत देता है कि ईरान अपनी शर्तों पर कोई भी समझौता करने के मूड में नहीं है। क्या यह बातचीत वेस्ट एशिया में शांति का रास्ता खोलेगी या फिर पुरानी कड़वाहट हावी रहेगी, यह आने वाले कुछ दिनों में साफ हो जाएगा।
کودکان مظلوم میناب و تمام شهدای ایران عزیز را هر لحظه ناظر اعمال و رفتار خود میدانم. آنها ما را میبینند و از ما انتظار دارند.
— محمدباقر قالیباف | MB Ghalibaf (@mb_ghalibaf) June 20, 2026
خدا کند که شرمندهٔ شهدای مظلوم و ملت ایران نباشم و روسفید به یارانم بپیوندم که برای دیدنشان لحظهشماری میکنم.
#Minab168
به یاد بچههای مدرسهٔ میناب pic.twitter.com/UDvZJOyJo2
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