NEET विवाद: नागपुर के छात्र को अबू धाबी सेंटर कैसे मिला? NTA ने खोला सच, सामने आए चौकाने वाले तथ्य
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नीट (NEET-UG) री-एग्जाम को लेकर हाल ही में हुआ विवाद अब एक नई दिशा में मुड़ गया है। नागपुर के एक छात्र को अबू धाबी में परीक्षा केंद्र मिलने पर मचे बवाल और सरकार पर लगे निशानों के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अपना पक्ष साफ कर दिया है।

क्या था मामला? महाराष्ट्र के नागपुर निवासी छात्र अब्दुल्ला मोहम्मद तालिब के पिता ने दावा किया था कि उनके बेटे को बिना उनकी मर्जी के अबू धाबी का एग्जाम सेंटर अलॉट कर दिया गया। परिवार ने बताया कि उनके पास पासपोर्ट नहीं है और न ही विदेश जाने के पैसे, जिसके कारण छात्र परीक्षा न देने के मानसिक दबाव में था। यह खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई और विपक्ष ने भी इसे सरकार की विफलता बताया।

NTA का चौंकाने वाला खुलासा इस घटना के बाद NTA ने अपने रिकॉर्ड्स सार्वजनिक किए और पूरी हकीकत बयां कर दी। एजेंसी ने बताया कि परीक्षा की तारीख 21 जून घोषित होने के बाद उन्होंने एग्जाम सिटी करेक्शन विंडो खोली थी। जांच में पाया गया कि छात्र के खुद के रजिस्टर्ड लॉगिन का इस्तेमाल करते हुए सेंटर को अबू धाबी में बदला गया था।

दो बार चेक किया गया था सेंटर NTA के वेब-एक्टिविटी रिकॉर्ड्स के मुताबिक, छात्र के लॉगिन से अबू धाबी सेंटर को न केवल चुना गया, बल्कि इसे दो बार क्रॉस-चेक भी किया गया था। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि यह बदलाव किसी प्रशासनिक गलती से नहीं, बल्कि उम्मीदवार के डैशबोर्ड के जरिए खुद किया गया था।

48 घंटे पहले हरकत में आई एजेंसी हालांकि, NTA ने छात्र की स्थिति को समझते हुए मानवीय आधार पर मदद की। परीक्षा से ठीक 48 घंटे पहले, 19 जून की शाम को जब उन्हें इस समस्या की जानकारी मिली, तो एजेंसी ने तुरंत कार्रवाई की। NTA के कर्मचारियों ने स्वयं छात्र के पिता से संपर्क किया और औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर केंद्र को वापस नागपुर में स्थानांतरित कर दिया।

सिस्टम का दावा: 99.5% छात्र संतुष्ट NTA का कहना है कि नीट री-एग्जाम की विंडो के दौरान लगभग 3.2 लाख उम्मीदवारों ने अपने परीक्षा केंद्रों में बदलाव के लिए आवेदन किया था। एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार, 99.5% से अधिक उम्मीदवारों को उनकी पसंद का शहर अलॉट किया गया है। NTA ने जोर देकर कहा कि उनकी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी छात्र केवल प्रशासनिक उलझनों के कारण परीक्षा देने से वंचित न रहे।

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