शिबू सोरेन की विरासत के नए सारथी: जानिए कौन हैं बैद्यनाथ राम, जिन्होंने राज्यसभा का रास्ता किया तय
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झारखंड की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के वरिष्ठ नेता और दलित चेहरे बैद्यनाथ राम ने राज्यसभा चुनाव में जीत दर्ज कर ली है। उन्हें 30 विधायकों का समर्थन प्राप्त हुआ। उनकी यह जीत न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि राज्य की राजनीति में दलित प्रतिनिधित्व को भी मजबूती प्रदान करती है।

शिक्षक से राजनीति के सफर तक बैद्यनाथ राम जमीन से जुड़े नेता हैं। राजनीति में आने से पहले वे बच्चों को पढ़ाने का काम करते थे। लातेहार विधानसभा क्षेत्र से विधायक के रूप में वे अपनी पहचान एक शांत लेकिन प्रभावी संगठनकर्ता के रूप में बना चुके हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती झारखंड सरकारों में मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं, जिससे वे प्रशासनिक और राजनीतिक बारीकियों से बखूबी वाकिफ हैं।

शिबू सोरेन की खाली सीट की जिम्मेदारी बैद्यनाथ राम को झामुमो संस्थापक शिबू सोरेन के निधन के बाद खाली हुई महत्वपूर्ण सीट पर उम्मीदवार बनाया गया था। पार्टी का यह दांव बहुत सोच-समझकर चला गया था। राम पलामू क्षेत्र से आते हैं और अनुसूचित जाति समुदाय में एक स्थापित नेतृत्व रखते हैं। झामुमो ने उन्हें चुनकर दलित समाज को एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश देने का प्रयास किया है।

संगठन और समाज का मिला साथ राज्यसभा में बैद्यनाथ राम की एंट्री को पार्टी के लिए रणनीतिक तौर पर अहम माना जा रहा है। झामुमो नेतृत्व का मानना है कि उच्च सदन में वे न केवल झारखंड के क्षेत्रीय विकास के मुद्दों को उठाएंगे, बल्कि आदिवासी-दलित हितों और सामाजिक न्याय की आवाज को भी बुलंद करेंगे। वे ग्रामीण झारखंड की उन समस्याओं के जानकार हैं जो अक्सर बड़े मंचों पर अनसुनी रह जाती हैं।

एक तरफ जीत, दूसरी तरफ मंथन बैद्यनाथ राम की जीत पहले से तय थी क्योंकि विधानसभा में उनके पास पर्याप्त संख्या बल था। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में जब उन्होंने नामांकन दाखिल किया था, तभी से उनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही थी। हालांकि, इसी चुनाव में दूसरी सीट का परिणाम झामुमो के लिए झटका रहा। कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा की हार और क्रॉस वोटिंग ने गठबंधन के भीतर राजनीतिक मंथन की स्थिति पैदा कर दी है।

मुख्यमंत्री ने दी बधाई बैद्यनाथ राम की जीत के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर उन्हें बधाई दी। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि राम उच्च सदन में झारखंड के हक, अधिकार, स्वाभिमान और शोषित समाज की आशाओं को मजबूती से रखेंगे। बैद्यनाथ राम के राज्यसभा जाने से अब झारखंड की राजनीति में एक और अनुभवी क्षेत्रीय स्वर दिल्ली के गलियारों में गूंजेगा।

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