G7 शिखर सम्मेलन: ट्रम्प बोले- मोदी सख्त नेगोशिएटर और टोटल किलर , PM ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा का उठाया मुद्दा
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फ्रांस के एवियन में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी की नई तस्वीर देखने को मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की द्विपक्षीय बैठक में वैश्विक सुरक्षा और द्विपक्षीय संबंधों पर खुलकर चर्चा हुई।

मोदी एक सख्त नेगोशिएटर और टोटल किलर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने प्रधानमंत्री मोदी की जमकर तारीफ की। उन्होंने मोदी को शांत और कूल बताते हुए कहा कि वे बातचीत की मेज पर बेहद सख्त हैं। ट्रम्प ने कहा, मोदी दिखने में किसी फरिश्ते की तरह शांत लगते हैं, लेकिन वे एक टोटल किलर (मजबूत और सख्त) नेगोशिएटर हैं। ट्रम्प ने यह भी दोहराया कि जब तक मोदी भारत के नेतृत्व में हैं, भारत वैश्विक स्तर पर एक बड़ी भूमिका निभाता रहेगा।

समुद्री सुरक्षा और भारतीय नाविकों की चिंता द्विपक्षीय बैठक में पीएम मोदी ने वैश्विक व्यापारिक सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता सुनिश्चित होनी चाहिए। पीएम ने कहा, लाखों भारतीय नाविक दुनिया के विभिन्न समुद्री क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। वैश्विक व्यापार में उनकी सुरक्षा और आवाजाही की स्वतंत्रता हमारी प्राथमिक चिंता है।

ऊर्जा और व्यापार पर ट्रंप का रुख भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर ट्रम्प ने स्पष्ट किया कि भारत ऊर्जा खरीद समेत किसी भी क्षेत्र में स्वतंत्र फैसले लेने के लिए सक्षम है। उन्होंने कहा, हमारे संबंध बेहद मजबूत हैं। भारत अमेरिका में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है और हम इसकी सराहना करते हैं। ट्रम्प ने यह भी कहा कि उनके कार्यकाल में व्हाइट हाउस में भारत का एक पक्का दोस्त बैठा है।

पश्चिम एशिया संकट और ग्लोबल साउथ का दर्द प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव के वैश्विक असर पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस संकट का असर केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ रहा है, जिससे ईंधन, उर्वरक और खाद्य पदार्थों की कीमतें प्रभावित हो रही हैं। पीएम ने इस दौरान ग्लोबल साउथ (विकासशील देशों) की समस्याओं को वैश्विक मंच पर मजबूती से रखा।

आई एम द बॉस का मजाकिया लहजा शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रम्प अपने बेबाक अंदाज में भी दिखे। एक सत्र में देरी से पहुंचने पर वहां मौजूद नेताओं के बीच उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, आई एम द बॉस (मैं बॉस हूं), जिससे माहौल में कुछ देर के लिए हल्की-फुल्की हंसी भी देखी गई। कुल मिलाकर, यह बैठक न केवल कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रही, बल्कि दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत तालमेल को भी दर्शाती है।

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