भारतीय रक्षा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। स्वदेशी पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (Pinaka-LRGR) के हालिया परीक्षण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह वीडियो रॉकेट की न केवल लंबी दूरी तक मार करने की क्षमता को दर्शाता है, बल्कि इसकी पिनपॉइंट स्ट्राइक सटीकता ने रक्षा विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया है।
क्या है इस रॉकेट की असली ताकत? पिनाका-एलआरजीआर, भारतीय सेना के मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम का एक आधुनिक और उन्नत संस्करण है। इसे गाइडेड रॉकेट कहा जाता है, जिसका अर्थ है कि यह लक्ष्य को भेदने के लिए नेविगेशन सिस्टम का उपयोग करता है। सामान्य रॉकेटों के विपरीत, यह हवा में भी अपनी दिशा को नियंत्रित कर सकता है, जिससे यह सीधे टारगेट पर प्रहार करता है।
सटीकता का पैमाना: CEP क्या है? सैन्य तकनीक में किसी हथियार की सटीकता को CEP (सर्कुलर एरर प्रोबेबल) से मापा जाता है। CEP जितना कम होगा, हथियार उतना ही घातक माना जाता है। पिनाका-एलआरजीआर का कम CEP यह सुनिश्चित करता है कि 120 किलोमीटर की लंबी दूरी से दागने के बावजूद रॉकेट अपने लक्ष्य के बेहद करीब जाकर गिरता है।
युद्ध के मैदान में बदलेगा गेम आधुनिक युद्ध में समय और सटीकता सबसे महत्वपूर्ण हैं। यह रॉकेट सिस्टम दुश्मन के कमांड सेंटर, रडार नेटवर्क, गोला-बारूद डिपो और बंकरों को पलक झपकते ही तबाह करने की क्षमता रखता है। इससे भारतीय सेना को युद्ध के मैदान में बढ़त मिलती है और दुश्मन के ठिकानों को कम समय में सटीक रूप से निशाना बनाया जा सकता है।
भगवान शिव के धनुष से प्रेरित पिनाका पिनाका का विकास DRDO द्वारा किया गया है। इसका नाम भगवान शिव के धनुष पिनाक के नाम पर रखा गया है। शुरुआती पिनाका रॉकेट की रेंज महज 37-40 किलोमीटर थी, जिसे समय के साथ विकसित करके एक्सटेंडेड रेंज (75 किमी) और अब लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (120 किमी+) तक पहुंचाया गया है।
वैश्विक स्तर पर भारत की धाक पिनाका न केवल भारतीय सेना की फायरपावर को मजबूत कर रहा है, बल्कि यह भारत के रक्षा निर्यात का एक बड़ा स्तंभ भी बन गया है। आर्मेनिया जैसे देशों ने पहले ही इस स्वदेशी सिस्टम को अपना लिया है। भारत की यह आत्मनिर्भर पहल यह साबित करती है कि अब भारतीय रक्षा उपकरण दुनिया के सबसे उन्नत हथियारों को टक्कर देने के लिए तैयार हैं।
Pinaka LRGR - Naam toh Suna Hoga
— Alpha Defense™🇮🇳 (@alpha_defense) June 14, 2026
CEP 🔥 pic.twitter.com/Lw3Y5D8JGM
सुरक्षा छोड़ तेज प्रताप का नया दांव: बिहार की महिलाएं सुरक्षित रहें, वही मेरी सुरक्षा है
पूर्व सैनिकों के लिए सुनहरा अवसर: अजमेर में IGL CNG स्टेशन चलाने का मौका, जानें आवेदन की प्रक्रिया
कुतुब मीनार से भी ऊंचा पुल: मिजोरम का अनोखा रेल मार्ग जो बदल रहा है पूर्वोत्तर की तस्वीर
जी-7 समिट: पीएम मोदी का वैश्विक मंच पर दो टूक, कहा- भरोसे के बिना पार्टनरशिप महज दिखावा
कोरिया में खौफनाक वारदात: रेत विवाद में कार में जिंदा जलाए गए भाजपा नेता और शिक्षक भाई
G7 में भारत की एंट्री: क्या दुनिया के इस एलीट क्लब का हिस्सा बनेगा भारत?
17 जून का महाअलर्ट: यूपी, बिहार समेत 21 राज्यों में भारी बारिश और विनाशकारी आंधी का खतरा
ऑपरेशन टाइगर: क्या फिर टूटेगी उद्धव की शिवसेना? 50-50 करोड़ में बिक रहे सांसद!
TMC नेता की गिरफ्तारी पर बवाल: भीड़ का थाने पर हमला, बचने के लिए नदी में कूदे समर्थक
अर्जेंटीना की जर्सी पर 1893 का रहस्य: क्या है मेसी की टीम के इस खास संदेश का मतलब?