ट्विशा शर्मा केस: सबूत के साथ खिलवाड़ पर महज 5 हजार का जुर्माना, क्या पुलिस की कार्रवाई काफी है?
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भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले में ड्यूटी के दौरान बड़ी लापरवाही बरतने के आरोपी सब-इंस्पेक्टर (SI) दिनेश शर्मा पर कार्रवाई तो हुई, लेकिन महज 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की गई है।

सबूत के साथ लापरवाही का गंभीर मामला जांच में खुलासा हुआ कि ट्विशा की मौत के बाद कथित आत्महत्या में इस्तेमाल की गई लिगेचर बेल्ट (रस्सी) को जब्त करने में नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं। 13 मई की सुबह जब बेल्ट जब्त की गई, तो उसका उल्लेख जब्ती के आधिकारिक कागजों में नहीं किया गया।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि अहम सबूत होने के बावजूद यह बेल्ट काफी समय तक SI दिनेश शर्मा की निजी कार में ही पड़ी रही। सबूतों को सुरक्षित रखने के प्रोटोकॉल का पालन न होने से अब पूरी जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर भी पड़ा असर इस लापरवाही का खामियाजा जांच को भी भुगतना पड़ा। जिस समय ट्विशा का पोस्टमार्टम हुआ, उस समय यह बेल्ट एम्स (AIIMS) भोपाल तक नहीं पहुंचाई गई थी।

बेल्ट के अभाव में डॉक्टर फांसी के साधन और गर्दन पर बने निशानों का वैज्ञानिक मिलान नहीं कर सके। लिगेचर मार्क का माप न हो पाने से मौत की असली वजहों को सुलझाने में बाधा आई। इसके बाद भोपाल के पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए।

सीबीआई जांच और कानूनी शिकंजा ट्विशा शर्मा का शव 12 मई को उनके ससुराल में फंदे से लटका मिला था। मृतका के परिजन इसे आत्महत्या मानने से साफ इनकार कर चुके हैं। परिवार की मांग पर हाईकोर्ट ने दूसरी बार पोस्टमार्टम के आदेश दिए और अब यह पूरा मामला सीबीआई (CBI) के अधीन है।

वर्तमान में ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उनकी मां, रिटायर्ड जज गिरीबाला, जेल में बंद हैं। इससे पहले इसी केस में समर्थ को जेल में वीआईपी सुविधा देने के आरोप में एक डिप्टी जेलर को भी हटाया जा चुका है।

आगे क्या? भले ही पुलिस ने SI पर जुर्माना लगाकर खानापूर्ति कर ली हो, लेकिन मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अब विभागीय जांच की सुगबुगाहट तेज है। सीबीआई को दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिल चुकी है, जिस पर अब जांच की दिशा पूरी तरह निर्भर करेगी। फिलहाल, पीड़ित परिवार को न्याय का इंतजार है।

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