झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने राज्य से बाहर कार्यरत प्रवासी श्रमिकों की बदहाली पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने इस मुद्दे पर राज्य के श्रमायुक्त को एक विस्तृत पत्र लिखकर मौजूदा सहायता तंत्र की पोल खोल दी है।
असामयिक मौतों ने खड़े किए सवाल हाल ही में राज्य के दो प्रवासी श्रमिकों—खरसावां के विशाल महतो और बहरागोड़ा के कार्तिक मुंडा—की असामयिक मौत ने सबको झकझोर कर रख दिया है। मुंडा ने बताया कि इन श्रमिकों की मौत के बाद उनके पार्थिव शरीर को घर तक लाने में परिजनों को भारी जद्दोजहद करनी पड़ी। निजी हस्तक्षेप के बिना शवों का घर पहुंचना लगभग असंभव सा हो गया था।
डाटाबेस से लेकर हेल्पलाइन तक की कमी अर्जुन मुंडा ने पत्र के माध्यम से श्रम विभाग से तीखे सवाल पूछे हैं। उन्होंने पूछा है कि क्या सरकार के पास राज्य से बाहर काम कर रहे लाखों श्रमिकों का कोई डिजिटल डाटाबेस है? उन्होंने यह भी पूछा कि क्या विभाग में कोई 24x7 टोल-फ्री हेल्पलाइन काम कर रही है? सच्चाई यह है कि बुनियादी सूचनाओं और समन्वय तंत्र के अभाव में संकट के समय श्रमिक और उनके परिजन पूरी तरह असहाय महसूस करते हैं।
पंचायत स्तर पर पंजीकरण की मांग पूर्व मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया है कि प्रवासी श्रमिकों के लिए अनिवार्य पंजीकरण की व्यवस्था हो। यह सुविधा पंचायत स्तर तक मिलनी चाहिए ताकि राज्य के पास एक केंद्रीकृत डाटा मौजूद रहे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दुर्घटना, बीमारी या मृत्यु की स्थिति में त्वरित सहायता के लिए एक सक्रिय आपातकालीन तंत्र का होना अनिवार्य है।
नैतिक जिम्मेदारी पर जोर अर्जुन मुंडा ने शासन को सचेत करते हुए कहा कि प्रवासी श्रमिक राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। संकट की घड़ी में उनकी सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करना केवल एक प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि राज्य की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विभाग से वर्तमान व्यवस्था और भविष्य की कार्ययोजना पर रिपोर्ट मांगी है।
हाल के दिनों में झारखंड के दो प्रवासी श्रमिकों की असामयिक मृत्यु ने हम सभी को गहरा आघात पहुँचाया है। यह केवल दो व्यक्तियों की मृत्यु नहीं, बल्कि लाखों प्रवासी श्रमिक परिवारों की असुरक्षा और पीड़ा का प्रतीक है। pic.twitter.com/NgqdCDcNek
— Arjun Munda (@MundaArjun) June 11, 2026
शूटिंग जगत को बड़ा झटका: दिग्गज कोच और एशियाई खेलों के गोल्ड मेडलिस्ट जसपाल राणा का 49 साल की उम्र में निधन
भारत का परमाणु अलर्ट , पाकिस्तान में हड़कंप: क्या बदल गई दक्षिण एशिया की रणनीतिक तस्वीर?
सुप्रीम कोर्ट का वो बड़ा फैसला: मीनाक्षी नटराजन की उम्मीदों पर क्यों फिरा पानी?
जाको राखे साइयां: चलती ट्रेन से गिरा युवक, ऊपर से गुजर गए 13 डिब्बे और फिर हुआ चमत्कार
ईवीएम से भगवान के चढ़ावे तक, बीजेपी की चोरी की आदत : संजय राउत का बड़ा हमला
राम मंदिर के चढ़ावे में 5 करोड़ की डकैती ? संजय राउत के आरोपों से गरमाई सियासत
होर्मुज में भारतीय जहाजों पर हमले से दिल्ली नाराज: अमेरिकी राजनयिक को किया तलब, 40 मिनट तक चली कड़क बैठक
दुबई की सड़क पर पाकिस्तानी शख्स को उतरवा दिए कपड़े, शेख बनने का शौक पड़ा भारी
टीएमसी के पुष्पा की सड़कों पर परेड: जिस फाल्टा में दिखाई थी धौंस, वहीं पुलिस ने हाफ पैंट में घुमाया
राज्यसभा चुनाव में सीट चोरी का आरोप: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने पर मचा घमासान