हेलफायर मिसाइल: अमेरिका का वह सटीक वार जिसने ओमान की खाड़ी में मचाई हलचल
News Image

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिकी सेना की आक्रामकता लगातार बढ़ रही है। हाल ही में ओमान की खाड़ी में गिनी-बिसाऊ के ध्वज वाले टैंकर एमटी जलवीर पर अमेरिकी सेना ने हमला किया। इस हमले में एजीएम-114 हेलफायर (AGM-114 Hellfire) मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया, जिसने दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों का ध्यान खींचा है।

क्या है हेलफायर मिसाइल? एजीएम-114 हेलफायर एक छोटी दूरी की हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइल है। इसे अमेरिकी रक्षा कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने विकसित किया है। 1984 में पहली बार इस्तेमाल की गई यह मिसाइल मूल रूप से दुश्मन के टैंकों को नेस्तनाबूद करने के लिए बनाई गई थी। समय के साथ इसमें कई तकनीकी बदलाव किए गए, जिससे यह आज दुनिया की सबसे सटीक मिसाइलों में गिनी जाती है।

कैसे काम करती है यह मिसाइल? हेलफायर मिसाइल में शेप्ड चार्ज वारहेड तकनीक का उपयोग किया गया है। यह बख्तरबंद सतहों को भेदने के लिए तांबे की धार वाली एक शक्तिशाली जेट बनाती है। एमटी जलवीर पर हुए हमले में इसका सटीक उदाहरण देखने को मिला। मिसाइल ने जहाज को डुबाने के बजाय सीधे उसके इंजन रूम को निशाना बनाया, जिससे जहाज के इंजन ठप हो गए और वह बीच समंदर में ही रुक गया।

क्यों बनी भारत के लिए चिंता? एमटी जलवीर पर हमले की खबर ने भारत में हड़कंप मचा दिया है। इस जहाज पर 20 भारतीय चालक दल (क्रू मेंबर) सवार थे। हालांकि, वे सुरक्षित हैं, लेकिन मामूली रूप से कुछ लोगों के घायल होने की सूचना है। ओमान की खाड़ी में पिछले कुछ दिनों में हुई घटनाओं में भारतीय नाविकों की जान जोखिम में पड़ना भारत के लिए कूटनीतिक चिंता का विषय बन गया है।

अमेरिका का तर्क और नाकाबंदी अमेरिकी सेना (CENTCOM) ने आधिकारिक रूप से इस हमले की जिम्मेदारी ली है। अमेरिका का दावा है कि ये जहाज 13 अप्रैल से लागू ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी का उल्लंघन कर रहे थे। वाशिंगटन का आरोप है कि ये जहाज ईरान से तेल परिवहन की कोशिश में थे। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि चेतावनी को नजरअंदाज करने वाले जहाजों के खिलाफ ही इस तरह की सटीक कार्रवाई की जा रही है।

बढ़ता संघर्ष और निष्क्रिय होते जहाज तनाव का आलम यह है कि पिछले कुछ दिनों में ओमान की खाड़ी में तीन जहाजों को निशाना बनाया गया है। आंकड़ों के अनुसार, नाकाबंदी के चलते अब तक छह वाणिज्यिक जहाज निष्क्रिय हो चुके हैं, जबकि 122 जहाजों को अमेरिकी सेना ने मजबूरन अपना रास्ता बदलने के लिए मजबूर किया है। हेलफायर मिसाइलों का यह लगातार इस्तेमाल पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य टकराव की एक नई और खतरनाक तस्वीर पेश कर रहा है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द: चुनाव आयोग के बाहर NSUI का हंगामा, पुलिस ने हिरासत में लिए प्रदर्शनकारी

Story 1

NEET विवाद: सुधार की ओर बढ़ते कदम, अब चीन और अमेरिका के परीक्षा मॉडल पर टिकी नजरें

Story 1

ओमान तट पर अमेरिकी हमला: 3 भारतीयों की मौत पर भारत का कड़ा रुख, अमेरिका को किया तलब

Story 1

भारत से बोरिया-बिस्तर समेटेगी ₹41 हजार करोड़ की कंपनी, 250 कर्मचारियों की जाएगी नौकरी

Story 1

पुष्पा बनकर पुलिस को दी थी चुनौती, अब हाफ पैंट में हुई परेड; TMC नेता जहांगीर खान की हेकड़ी निकली

Story 1

इतिहास रचते हुए बांग्लादेश ने पहली बार ऑस्ट्रेलिया को वनडे सीरीज में दी मात

Story 1

डासना मंदिर पहुंचे सलीम वास्तिक: यति नरसिंहानंद ने कहा- शेर का साथ कभी नहीं छोड़ेंगे

Story 1

8,000mAh बैटरी और 144Hz डिस्प्ले के साथ टेक्नो का नया धमाका, जानें क्या है खास

Story 1

प्रकृति का रौद्र रूप: कैमरे के सामने पल भर में ताश के पत्तों की तरह ढह गया घर

Story 1

शत्रुघ्न सिन्हा के ट्वीट से गरमाई सियासत: ममता बनर्जी से बढ़ती दूरी के संकेत?