कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपने अलग अंदाज के लिए हमेशा चर्चा में रहते हैं। कभी ट्रक ड्राइवरों के साथ तो कभी खेतों में नजर आने वाले राहुल इस बार अंडमान और निकोबार के समुद्र में स्कूबा डाइविंग करते दिखे। हालांकि, उनके इस एडवेंचर के पीछे एक गंभीर राजनीतिक और पर्यावरणीय संदेश छिपा था।
पानी के नीचे का अद्भुत नज़ारा राहुल गांधी ने ग्रेट निकोबार के समुद्र में गोता लगाकर वहां की दुनिया को करीब से देखा। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर स्कूबा गियर पहने हुए तस्वीरें और वीडियो साझा किए हैं, जिसमें वे कोरल रीफ और समुद्री जीवों के बीच तैरते नजर आ रहे हैं। निकोबार की प्राकृतिक सुंदरता ने उनके इस दौरे को यादगार बना दिया है।
क्या है सरकार का मेगा प्रोजेक्ट? केंद्र सरकार ग्रेट निकोबार में एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट लॉन्च करने जा रही है। इस योजना के तहत वहां एक इंटरनेशनल कंटेनर ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल, ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, पावर प्लांट और डिफेंस बेस का निर्माण होना है। सरकार का तर्क है कि रणनीतिक और व्यापारिक दृष्टि से यह प्रोजेक्ट देश की सुरक्षा और तरक्की के लिए अनिवार्य है।
पर्यावरण पर मंडराया खतरा समुद्र से बाहर आते ही राहुल गांधी ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि ग्रेट निकोबार का इकोसिस्टम दुनिया के सबसे संवेदनशील इलाकों में से एक है। राहुल का आरोप है कि विकास के इस मेगा प्रोजेक्ट के कारण कोरल रीफ और दुर्लभ समुद्री जीवन को हमेशा के लिए नष्ट किया जा रहा है।
आदिवासियों के आशियाने पर सवाल पर्यावरण के साथ-साथ राहुल ने वहां रहने वाले मूल निवासियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट के लिए लाखों पेड़ काटे जाएंगे, जिससे न केवल द्वीप का पारिस्थितिक संतुलन बिगड़ेगा, बल्कि वहां की जनजातीय संस्कृतियों के अस्तित्व पर भी संकट खड़ा हो जाएगा।
इंटरनेट पर छिड़ी नई बहस राहुल गांधी के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर दो धड़े बन गए हैं। एक वर्ग पर्यावरण और आदिवासियों के अधिकारों के लिए उनके स्टैंड की सराहना कर रहा है, तो वहीं दूसरी ओर सत्ता पक्ष के समर्थकों का कहना है कि विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ऐसे बड़े प्रोजेक्ट बेहद जरूरी हैं। राहुल का यह दौरा एक बार फिर विकास बनाम पर्यावरण की बहस को केंद्र में ले आया है।
I visited the southernmost tip of India.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 5, 2026
I stood at Indira Point. I walked under trees that have stood for centuries. I dove into coral reefs among the most vibrant on earth.
And I sat with the people who live there. Tribal communities, whose land is being taken away by… pic.twitter.com/RLNtT6L0U4
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